हाथ नहीं फिर भी जबरदस्त तैराक
कहते है कि हिम्मत और हौंसले बुलंद हो तो कोई भी नहीं हरा सकता है। बुलंद हौंसले के सहारे इंसान हर नामुमकिन काम को करने की शक्ति रखता है और चारों और अपना नाम कमाता है। एक ऎसा ही उदाहरण मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में देखने को मिला है। जानकारी के अनुसार कलीमी कॉलोनी निवासी 9 साल के अब्दुल कादिर ने हाथ न होने के बावजूद कुछ ऎसा कमाल कर दिखाया जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। जानकारी के मुताबिक हादसे में दोनों हाथ गंवाने वाले अब्दुल ने 45 सेकंड में 25 मीटर लंबे स्वीमिंग पूल को तैरकर पार कर लिया।
बताया जा रहा है कि 24 मई 2014 को अब्दुल भोपाल में अपनी मौसी के घर पर था। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से वह कंधे से दोनों हाथ गंवा बैठा। 24 मई 2015 को हादसे को एक साल पूरा हुआ और उसने उम्मीदों का नया आसमां खडा कर दिया। उसने 1 मई से तैरने की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी और रविवार को 25 मीटर लंबे स्वीमिंग पूल को पार कर सबको चौंका दिया। अब्दुल हैंडीकैप स्वीमिंग में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीतना चाहता है। उसने फेसबुक पर बिना हाथ के खिलाडी के गले में गोल्ड मेडल देखा था, तभी से तैराकी का सपना संजो लिया।
बताया जाता है कि अब्दुल पढाई में भी अव्वल है। इस साल सेकंड क्लास उसने 75 प्रतिशत नंबर लिए है। हाथ कटने के बाद उसने अस्पताल में ही पैरों से कलम थाम ली थी। वह लैपटॉप भी पैरों से ही चलाता है। वह फुटबॉल भी खेलने लगा है। अब्दुल के हौसले को देखकर मप्र के प्रमुख सचिव एंटोनी डिसा ने 15 जनवरी 2015 को कृत्रिम हाथ लगवाने का आश्वासन दिया था। 5 महीने बाद भी उसे हाथ नहीं मिल सके।
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