ब्रह्मोस के एंटी शिप वर्जन का हुआ जबरदस्त ट्रायल
नई दिल्ली, शुक्रवार, 29 अप्रैल 2022। भारतीय नौसेना और अंडमान निकोबार कमांड ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह से ब्रह्मोस के एक एंटी शिप वर्ज की टेस्टिंग की है। एंटी शिप वर्जन के माध्यम से टारगेट को समुद्र में सफलता पूर्वक नष्ट करके युद्ध की तैयारी का प्रदर्शन किया गया है। अंडमान निकोबार कमान की ओर से किये गए ट्वीट में यह जानकारी दी गई। ये परीक्षण बुधवार को किया गया। बता दें कि अंडमान निकोबार कमांड देश का एकलौता ऐसा कमांड है जहां देश की तीनों सेनाओं का संचालन एक साथ किया जाता है। कमांड की ओर से किए गए ट्विट में लिखा कि भारतीय नौसेना और एएनसी ने एक बार फिर से अपने कॉम्बैट रेडीनेस को दिखाने के लिए समुद्र में मौजूद टारगेट को ब्रह्मोस मिसाइल के एंटी सिप वर्जन से नष्ट कर दिया।
इससे पहले इसी महीने भारतीय वायुसेना ने अपनी अभियानगत तैयारियों का प्रदर्शन करते हुए 19 अप्रैल को पूर्वी समुद्री तट पर सुखोई लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। तब भारतीय वायुसेना ने कहा था कि मिसाइल का प्रदर्शन भारतीय वायुसेना के साथ निकट समनवय में किया गया। बता दें कि लगातार ब्रह्मोस के कई वर्जन का परीक्षण किया जा रहा है। ये एक तरह से भारतीय सेना की तैयारियों का सीधा-सीधा उदाहरण है। इससे पहले दो परीक्षण हुए थे जिसमें भारतीय वायुसेना ने देश के पूर्वी तट पर सुखोई 30 एम के फाइटर जेट से भारतीय नौसेना का एक खराब जहाज था। जिस पर उनसे सीधा प्रहार किया।
ब्रह्मोस मिसाइलों के अलग-अलग वर्जन का परीक्षण समय-समय पर किया जा रहा है। भारत ने पिछले कुछ महीनों में ही ब्रह्मोस का हवा, जमीन और समुद्र से सफल परीक्षण कर लिया है। ब्रह्मोस भारत की एकलौती ऐसी मिसाइल है जिसे हवा, पानी, जमीन कहीं से भी दुश्मन पर दागा जा सकता है। बता दें कि इस क्षमता को ट्रायड कहा जाता है।
Similar Post
-
आईजीआई हवाई अड्डे पर 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का गांजा बरामद, दो लोग गिरफ्तार
नई दिल्ली, सोमवार, 23 फरवरी 2026। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतररा ...
-
बम धमकियों के बाद दिल्ली मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई
नई दिल्ली, सोमवार, 23 फरवरी 2026। ईमेल के माध्यम से बम की धमकी मि ...
-
न्यायालय ने वांगचुक की हिरासत के खिलाफ उनकी पत्नी की याचिका पर सुनवाई 26 फरवरी तक टाली
नई दिल्ली, सोमवार, 23 फरवरी 2026। उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय ...
