मुख्यमंत्री ने किया उष्ट्र संरक्षण योजना का अनुमोदन
- 2.60 करोड़ रूपए का वित्तीय प्रावधान
- मादा ऊंट एवं बच्चे की पहचान पर मिलेंगे प्रथम किश्त के रूप में 5000 रूपए
- बच्चे के एक वर्ष पूर्ण होने पर मिलेगी 5000 रुपए की द्वितीय किश्त
जयपुर, सोमवार, 14 नवंबर 2022। राज्य सरकार ऊंटों के संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने उष्ट्र संरक्षण योजना का अनुमोदन किया है। इसके लिए उन्होंने 2.60 करोड़ रूपए का वित्तीय प्रावधान को भी स्वीकृति दी है। योजना के अंतर्गत, पशु चिकित्सक द्वारा मादा ऊंट एवं बच्चे के टैग लगाकर पहचान पत्र देने के बाद ऊंट पालक को 5 हजार रुपए, प्रत्येक पहचान पत्र के लिए पशु चिकित्सक को 50 रुपए का मानदेय तथा ऊंट के बच्चे के एक वर्ष पूर्ण होने पर द्वितीय किश्त के रूप में 5 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है। दोनों किश्तों की राशि ऊंट पालक के बैंक खाते में डाली जाएगी। श्री गहलोत के इस निर्णय से ऊंट पालकों को आर्थिक संबल के साथ प्रोत्साहन मिल सकेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2022-23 के बजट में ऊंट संरक्षण एवं विकास नीति लागू करने के लिए 10 करोड़ रूपए के प्रावधान किया गया था।
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