हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों के बीच तुलना नहीं की जानी चाहिये : रवीना टंडन
बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन का कहना है कि हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों के बीच तुलना नहीं की जानी चाहिये। रवीना टंडन का कहना है कि साउथ की फिल्में इसलिए बेहतर कर रही हैं क्योंकि वह अपने कल्चर से जुड़ी हुई होती हैं। वहीं हिंदी फिल्मों में अक्सर वेस्टर्न कल्चर देखने को मिलता है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री भी अच्छा काम करती है। मेरे लिए बहुत ही खुशी की बात है, मैंने पहले भी साउथ की फिल्में की हैं। साउथ की फिल्में अक्सर अपनी कल्चर से गहरी जुड़ी होती हैं, यही इनकी खासियत है। यही वजह है कि साउथ की ऑडियंस वहां की फिल्म से अपने आप को जोड़ पाती है। रवीना टंडन ने कहा, हिंदी फिल्में ज्यादातर वेस्टर्न कल्चर से प्रभावित रहती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हमारी फिल्में कामयाब नहीं होती। साउथ में काफी फिल्में रिलीज होती हैं लेकिन हम सुनते सिर्फ एक दो फिल्मों के बारे में ही हैं। यदि ग्लोबल लेवल के लिहाज से बात करें तो हमें सभी फिल्म इंडस्ट्रीज को एक ही मानना चाहिए। इसमें भेदभाव नहीं करना चाहिए।
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