ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों, शिक्षा जगत के दिग्गजों का प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा
नई दिल्ली, रविवार, 17 सितम्बर 2023। ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों और शिक्षा जगत के दिग्गजों का अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल पांच दिवसीय यात्रा पर रविवार को भारत पहुंचा। ब्रिटेन सरकार के अधिकारियों ने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल शिक्षा जगत के हितधारकों से मुलाकात कर साझेदारी, दोहरी डिग्री और अनुसंधान में सहयोग को आगे बढ़ाकर उच्च शिक्षा संस्थानों के अंतरराष्ट्रीयकरण पर चर्चा करेगा। ब्रिटेन के ‘डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एंड ट्रेड’ (डीबीटी) द्वारा समन्वित प्रतिनिधिमंडल में ब्रिटेन के 31 उच्च शिक्षा संस्थानों और निकायों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जो विभिन्न भारतीय विश्वविद्यालयों के अधिकारियों के अलावा दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और चेन्नई में राज्य और केंद्र सरकार के निकायों के प्रमुख अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य रविवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। वे सोमवार और मंगलवार को दिल्ली में भारत-ब्रिटेन उच्च शिक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान चर्चा अंतरराष्ट्रीय शिक्षा (ट्रांसनेशन एजुकेशन यानी टीएनई) पर केंद्रित होगी और दोनों देशों के संस्थानों के बीच उच्च शिक्षा के स्तर पर साझेदारी का विस्तार करेगी।
ब्रिटेन सरकार के ‘इंटरनेशन एजुकेशन चैंपियन’ स्टीव स्मिथ ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों और अधिकारियों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आकर खुशी हो रही है, जो शिक्षण, शिक्षा, अनुसंधान और नवोन्मेष के सभी पहलुओं में साझेदारी एवं सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। यह एक स्थापित तथ्य है कि विश्वविद्यालयों का अंतरराष्ट्रीयकरण शिक्षा प्रणालियों की गुणवत्ता को बढ़ाता है और पारस्परिक रूप से लाभप्रद प्रभाव डालता है।’’
इस सम्मेलन में पिछले साल जून में हुई वार्ता को आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान विज्ञान, अनुसंधान और नवोन्मेष में भारत और ब्रिटेन की साझेदारी को और गहरा करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटा जा सके। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), भारत-ब्रिटेन खाका 2030 और जी20 के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में उल्लिखित उद्देश्यों के अनुरूप उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संभावित सहयोग की पहचान करने और उसे आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
भारत और ब्रिटेन के शिक्षा क्षेत्र को लेकर विचार-विमर्श में ‘गोइंग ग्लोबल पार्टनरशिप’ पर भी प्रकाश डाला जाएगा, जो दोनों देशों के बीच टीएनई सहयोग पर केंद्रित एक कार्यक्रम है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और इसका अंतरराष्ट्रीयकरण बातचीत का प्रमुख हिस्सा होगा। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य टीएनई पर भी गहन वार्ता करेंगे और योग्यता की पारस्परिक मान्यता (एमआरक्यू) एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विदेशी सहयोग विनियमन द्वारा प्रस्तुत दायरे और अवसरों के बारे में जानकारी साझा करेंगे। इसके अलावा, दोनों देशों के छात्रों के लिए आवागमन के उपलब्ध अवसरों पर भी चर्चा होगी।
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