संदेशखालि जा रहे स्वतंत्र तथ्यान्वेषी दल को पुलिस ने रोका
कोलकाता, रविवार, 25 फ़रवरी 2024। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि में महिलाओं पर अत्याचार की कथित घटनाओं की जांच के लिए जा रहे पटना उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एल. नरसिंह रेड्डी के नेतृत्व वाली एक स्वतंत्र तथ्यान्वेषी समिति के छह सदस्यों को पुलिस ने वहां जाने से रोक दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संदेशखालि के कुछ हिस्सों में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए उनके काफिले को बसंती राजमार्ग पर भोजेरहाट क्षेत्र में रोक दिया, जो संदेशखालि से लगभग 52 किलोमीटर दूर है। रेड्डी, पूर्व आईपीएस अधिकारी राज पाल सिंह, राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य चारू वली खन्ना, वकील ओ पी व्यास एवं भावना बजाज और वरिष्ठ पत्रकार संजीव नायक सड़क के किनारे बैठ गए और आगे जाने पर अड़े रहे।
रेड्डी ने कहा, ‘‘यह पूरी तरह से अवैध है। हमने पुलिस कर्मियों से कहा है कि कानून का पालन करने वाले नागरिक के नाते हम नियम नहीं तोड़ेंगे। संदेशखालि में कोई कर्फ्यू नहीं लगा है। इसलिए हम दो समूहों में जा सकते हैं। हमारी कम से कम दो महिला सदस्यों को उन महिलाओं से मिलने की अनुमति दी जानी चाहिए जिन्हें राजनीतिक संरक्षण का आनंद ले रहे बाहुबलियों के अत्याचारों का खामियाजा भुगतना पड़ा है।”
Similar Post
-
कांग्रेस डूबता जहाज नहीं, पार्टी को मज़बूत बनाने के लिए अलग हुए नेताओं को फिर एकजुट होना चाहिए: राउत
पुणे, शनिवार, 13 जून 2026। शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने शनिव ...
-
अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर तलाशी, तृणमूल ने 'राजनीतिक प्रतिशोध' का आरोप लगाया
कोलकाता, शनिवार, 13 जून 2026। पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय बल ...
-
निर्मला सीतारमण ने उडुपी के श्रीकृष्ण मठ में पूजा-अर्चना की
उडुपी (कर्नाटक), शनिवार, 13 जून 2026। केंद्रीय वित्त मंत्री निर् ...
