कांग्रेस, एआईयूडीएफ ने मुस्लिम विवाह अधिनियम निरस्त किए जाने के खिलाफ असम विधानसभा से बहिर्गमन किया
गुवाहाटी, सोमवार, 26 फ़रवरी 2024। असम मुस्लिम विवाह एवं तलाक पंजीकरण अधिनियम, 1935 को निरस्त करने के राज्य मंत्रिमंडल के फैसले के विरोध में विपक्षी दलों कांग्रेस और एआईयूडीएफ (सर्व भारतीय संयुक्त गणतांत्रिक मोर्चा) ने सोमवार को असम विधानसभा से बहिर्गमन कर दिया। एआईयूडीएफ ने मंत्रिमंडल के फैसले पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश किया था, जिसे विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने खारिज कर दिया। कांग्रेस ने कहा कि मूल विधेयक को पूरी तरह रद्द किए बिना इसमें संशोधन किए जा सकते थे। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि असम मंत्रिमंडल ने राज्य में बाल विवाह को खत्म करने के लिए अधिनियम को रद्द करने के फैसले को शुक्रवार को मंजूरी दी। शर्मा ने विपक्षी दलों की आलोचना का जवाब देते हुए सोमवार को सदन में कहा कि विधेयक को रद्द कर दिया जाएगा और यह बाल विवाह को समाप्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक मैं जीवित हूं, मैं असम में बाल विवाह नहीं होने दूंगा।’’ कैबिनेट के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने 10 मिनट के लिए सदन से बर्हिगमन किया। एआईयूडीएफ विधायकों ने शुरू में नारेबाजी की और सदन के अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए और पांच मिनट से अधिक समय तक फर्श पर बैठे रहे। अध्यक्ष ने सदन का सूचीबद्ध कामकाज जारी रखा जिसके कारण प्रदर्शन कर रहे विधायक भी सदन से बाहर चले गए । इस दौरान विपक्षी ‘भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)’ विधायक और एकमात्र निर्दलीय विधायक सदन में मौजूद रहे।
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