थोक मुद्रास्फीति अप्रैल में लगातार दूसरे महीने बढ़कर 1.26 प्रतिशत
नई दिल्ली, मंगलवार, 14 मई 2024। ईंधन और बिजली के साथ-साथ खाद्य पदार्थों, खासकर सब्जियों की कीमतों में वृद्धि के कारण अप्रैल में थोक मुद्रास्फीति लगातार दूसरे महीने बढ़कर 1.26 प्रतिशत हो गई। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल 2023 में 0.79 प्रतिशत और मार्च 2024 में 0.53 प्रतिशत थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘‘ अप्रैल 2024 में मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी की मुख्य वजह खाद्य वस्तुओं, बिजली, कच्चे पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस, खाद्य उत्पादों के निर्माण, अन्य विनिर्माण आदि की कीमतों में वृद्धि रही।’’
आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 6.88 प्रतिशत थी। सब्जियों की महंगाई दर 23.60 प्रतिशत रही, जो मार्च में 19.52 प्रतिशत थी। ईंधन और बिजली में मुद्रास्फीति अप्रैल में 1.38 प्रतिशत रही, जो मार्च में (-)0.77 प्रतिशत थी। अप्रैल डब्ल्यूपीआई में वृद्धि इस महीने के खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों के विपरीत है। आरबीआई मौद्रिक नीति बनाते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है। अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 11 महीने के निचले स्तर 4.83 प्रतिशत पर आ गई। आरबीआई ने पिछले महीने लगातार सातवीं बार ब्याज दर अपरिवर्तित रखी और कहा कि वह खाद्य मुद्रास्फीति के बढ़ने के जोखिम को लेकर सतर्क है।
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