लोकसभा में जल शक्ति मंत्रालय की अनुदान मांगे ध्वनिमत से पारित
नई दिल्ली, शुक्रवार, 21 मार्च 2025। लोक सभा में शुक्रवार को कटौती प्रस्तावों को खारिज करते हुये जल शक्ति मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इससे पहले चर्चा का जवाब देते हुये जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि मोदी सरकार जल के महत्व को समझती है और इसके प्रबंध के लिये पर्याप्त धन दिया है। पाटिल ने कहा कि पिछली संयुक्त प्रगतिशील गंठबंधन (संप्रग) सरकार के 10 वर्ष के कार्यकाल में जल क्षेत्र के लिये एक लाख दो हजार करोड़ रुपये दिये गये थे जबकि मोदी सरकार के दौरान इस क्षेत्र को 10 वर्ष में चार लाख 29 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया। उन्होंने कहा कि देश में सभी को निरंतर स्वच्छ पेयजल मिलता रहे, इसके लिये देश भर में 25 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित किया है, जो स्थानीय स्तर पर पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर सकेंगी। इसके लिये उन्हें किट प्रदान किये गये हैं। किसी को भी दूषित पेयजल न लेना पड़े, इसके लिये सरकार पूरे इंतजाम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल स्वास्थ्य सेवा भी है, इससे देश में चार लाख बच्चों को अतिसार से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल देने के परिणाम हर क्षेत्र में देखने को मिल रहे हैं।
पाटिल ने कहा कि देश में करोड़ों शौचालय बना दिये जाने से 60 करोड़ लोगों की शौचालय जाने की आदत में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि देश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के विभिन्न उपाय किये गये हैं। हर खेत को पानी मिले, इसके लिये 1100 करोड़ रुपये का प्रबंध किया गया है। केन-वेतवा नदी संपर्क योजना को पूरा करने के लिये आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। लंबित ओलावरम योजना को 2026 तक पूरा करने के लिये धन उपलब्ध कराया जा रहा है। पाटिल ने कहा कि नदी स्वच्छता अभियान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे गंगा नदी के जल में सुधार आया है। यह निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। गंगा नदी का प्रवाह भी सुधरा है।
पाटिल ने सभी सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्र में जल संचयन के लिए काम करने का आग्रह किया और कहा कि मंत्रालय की इस काम में जो जरूरत होगी उसमें उनके काम को पूरी मदद की जाएगी। उनका कहना था कि योजना के क्रियान्वयन को लेकर कोई गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए पूरी छानबीन की जाती है और जिस व्यक्ति तथा घर को इस योजना का लाभ दिया गया है उसका पूरा विवरण लेकर उसका रिकाॅर्ड रखा जाता है। उनका कहना था कि सबको जल उपलब्ध कराने को लेकर जो शिकायतें आती हैं उनका समाधान राज्यों के साथ मिलकर किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी को माफ नहीं किया जाएगा। जल लोगों का अधिकार है और बसको जल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। जिसने भी गड़बड़ी की है उसका समाधान होगा और जिसने गड़बड़ी की है उसके लिए उसे सजा भी मिलेगी।
उन्होंने नदियों को जोड़ने को लेकर भी पहचान की है और अब तक 11 परियोजनाओं की डीपीआर की जा चुकी है। उनका कहना था कि यह राज्यों का विषय है और इस बारे में राज्यों के साथ समन्वय से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के बीच 221 किलोमीटर नदी जोड़ने के काम करने को कहा है। उनका कहना था कि जल भले ही राज्यों का विषय है लेकिन केंद्र सरकार जल जीवन मिशन के तहत इस योजना का संचालन कर रही है और देश के हर घर तक नल से जल पहुंचाने का काम कर रही है। स्वच्छ जल सबको मिले इसके लिए श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की 2019 में शुरुआत की और अब तक करोड़ों लोगों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। यह योजना भारत सरकार की प्राथमिकता में है और इसको लेकर बराबर समीक्षा बैठकें होती हैं और इससे जुड़ी जो भी समस्याएं होती हैं उनका समाधान किया जाता है।
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