करवा चौथ 10 अक्टूबर को
इस वर्ष करवाचौथ का व्रत 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह पावन व्रत कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। दिनभर पूजा-पाठ और कथा श्रवण के बाद महिलाएं चंद्रमा के दर्शन कर व्रत का पारण करती हैं। इस साल करवाचौथ के दिन सिद्धि योग और कृतिका नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है। शुभ मुहूर्त में शाम 5 बजकर 57 मिनट से रात 7 बजकर 11 मिनट तक गणेश जी और करवा माता की पूजा का विधान रहेगा। इसके बाद जब चांद आकाश में उदित होगा, तब महिलाएं छलनी से चंद्र दर्शन कर अर्घ्य अर्पित करेंगी और अपने व्रत का समापन करेंगी। इस वर्ष चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 13 मिनट के आसपास रहेगा, हालांकि यह शहर के अनुसार थोड़ा अलग-अलग होगा। राजस्थान के प्रमुख शहरों में चांद निकलने का अनुमानित समय इस प्रकार है—
जयपुर में चांद रात 8:22 बजे, जोधपुर में 8:38 बजे, अलवर में 8:19 बजे, सीकर में 8:03 बजे, उदयपुर में 8:20 बजे, जैसलमेर में 8:25 बजे, और बीकानेर में 8:13 बजे दिखाई देगा। पूरे राज्य में करवाचौथ का उल्लास चरम पर है। बाजारों में सोलह श्रृंगार की वस्तुएं, पूजा की थालियां और करवा के बर्तन खरीदे जा रहे हैं। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजी हुईं, व्रत कथा और पूजा की तैयारियों में व्यस्त हैं। इस पवित्र दिन को पति-पत्नी के प्रेम और आस्था के प्रतीक पर्व के रूप में पूरे देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
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