परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव ने संपर्क हेल्पलाइन 181 कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण
जयपुर, बुधवार, 01 अप्रैल 2026। परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री भवानी सिंह देथा ने बुधवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विभागीय प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। देथा ने जिला स्तर पर दर्ज शिकायतों की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी स्वयं परिवादियों से संवाद स्थापित करें। जिन जिलों में निस्तारण प्रतिशत, समाधान पर संतुष्टि का स्तर और औसत निस्तारण समय राज्य स्तर से कमजोर है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने बैठक के दौरान कुछ जिलों के अधिकारियों से सीधे बातचीत भी की और कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सुधार के निर्देश दिए।
प्रमुख शासन सचिव श्री देथा ने बस स्टैंड पर साफ-सफाई, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्राइवर और कंडक्टर के व्यवहार संबंधी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने उन मामलों की भी वास्तविक स्थिति जानी, जिनमें पोर्टल पर संतुष्टि दर्ज की जा चुकी थी। उन्होंने परिवादियों से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया और अधिकारियों को निर्देशित किया।
देथा ने कहा कि विभाग की आवश्यक सेवाओं से जुड़े मामलों में कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक परिवादी की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और निस्तारण प्रतिशत के साथ-साथ संतुष्टि प्रतिशत में भी निरंतर सुधार हो। उन्होंने निर्देश दिए कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से जिलों के अधिकारियों की प्रदर्शन सूची तैयार की जाए, ताकि कम प्रदर्शन करने वालों की पहचान कर समयबद्ध सुधार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने प्रत्येक 15 दिन में प्रकरणों की समीक्षा करने और समाधान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देने पर जोर दिया और नियमित मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों की डयूटी लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता और गति दोनों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने, लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने और शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में परिवहन विभाग से जुड़े कुल 10,020 प्रकरण संपर्क पोर्टल पर दर्ज हुए, जिनमें से 9,258 का निस्तारण किया जा चुका है, जो लगभग 92.40 प्रतिशत है। इन मामलों के समाधान में औसतन 23 दिन का समय लगा, जबकि करीब 63.37 प्रतिशत परिवादियों ने समाधान पर संतुष्टि जताई। वहीं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) से संबंधित कुल 18,035 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 16,887 का निस्तारण किया जा चुका है, जो लगभग 93.64 प्रतिशत है। इन मामलों के समाधान में औसतन 17 दिन का समय लगा, जबकि 61.11 प्रतिशत परिवादियों ने संतुष्टि व्यक्त की।
मुख्य सचिव की नियमित मॉनिटरिंग और सचिव स्तर पर किए गए निरीक्षणों के बाद विभाग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। मार्च माह में परिवहन विभाग में समाधान पर संतुष्टि का प्रतिशत बढ़कर 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि RSRTC में यह आंकड़ा 69.47 प्रतिशत हो गया है और औसत निस्तारण समय घटकर 16 दिन रह गया है। निरीक्षण के दौरान श्री देथा ने कंट्रोल रूम में उपस्थित रहकर स्वयं परिवादियों से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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