संघर्षों से घिरी दुनिया में बुद्ध की शिक्षाएं प्रासंगिक: शिंदे
ठाणे, सोमवार, 06 अप्रैल 2026। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि दुनिया को वैश्विक संघर्षों से निपटने के लिए "युद्ध नहीं, बुद्ध चाहिए" और बौद्ध धर्म सामाजिक परिवर्तन के लिए एक सामाजिक-राजनीतिक क्रांति का प्रतिनिधित्व करता है। रविवार को यहां आठवें अंतरराष्ट्रीय बौद्ध धम्म सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिंदे ने बौद्ध धर्म को बदलाव की एक प्रेरक शक्ति बताया। सम्मेलन का आयोजन बुद्ध रत्न सागर वेलफेयर फाउंडेशन ने किया था, जिसमें भारत और विदेश से आए भिक्षु, विद्वान और अनुयायी शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री को इस अवसर पर बुद्ध रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
शिंदे ने कहा, "धम्म सत्य, अहिंसा और करुणा पर आधारित जीवन जीने का तरीका है। सामाजिक परिवर्तन केवल बुद्ध के विचारों के माध्यम से संभव है।" उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म सामाजिक-राजनीतिक क्रांति और सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रस्तुत करता है और संघर्षों से भरी दुनिया में इसके सिद्धांत अत्यंत प्रासंगिक हैं। शिंदे ने कहा, "दुनिया युद्ध नहीं चाहती; उसे बुद्ध चाहिए। नफरत, नफरत को समाप्त नहीं कर सकती; इसे केवल प्रेम से खत्म किया जा सकता है। दुनिया तलवार या गोलियों से नहीं, केवल बुद्ध के विचारों से ही बदल सकती है।"
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