एमवीए, शिवसेना, राकांपा ने महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए अभी तक नहीं किये हैं उम्मीदवार घोषित

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मुंबई, बुधवार, 29 अप्रैल 2026। महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) ने राज्य विधान परिषद चुनाव में गठबंधन की जीत की संभावना वाली एकमात्र सीट के लिए अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, जबकि नामांकन दाखिल करने की समय सीमा बृहस्पतिवार को समाप्त हो रही है। शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस सीट के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा है, लेकिन पार्टी ने अभी तक उनकी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ठाकरे सहित राज्य विधान परिषद के नौ सदस्यों का कार्यकाल 13 मई को पूरा हो रहा है।

इन सीट के लिए मतदान 12 मई को होगा और मतगणना भी उसी दिन होगी। चुनाव प्रक्रिया 13 मई तक पूरी होने की उम्मीद है। विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की समयसीमा 30 अप्रैल को अपराह्न तीन बजे है। भाजपा ने पांच उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जबकि महायुति गठबंधन के उसके सहयोगी शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शेष सीट के लिए अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने एमवीए उम्मीदवार के बारे में यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ''कल पूर्वाह्न 11 बजे आपको पता चल जाएगा कि किसने नामांकन दाखिल किया है, जब हमारा उम्मीदवार विधान भवन की सीढ़ियों पर चढ़ेगा।"

उन्होंने बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और राकांपा (शरद चंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने उद्धव ठाकरे से विधान परिषद चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है। राउत ने कहा, "कल (कांग्रेस महासचिव) के सी वेणुगोपाल और (महाराष्ट्र के लिए कांग्रेस प्रभारी) रमेश चेन्निथला ने यह रुख अपनाया कि उद्धव ठाकरे को राज्य विधानमंडल का हिस्सा बनना चाहिए और एमवीए का नेतृत्व करना चाहिए।" शिवसेना (उबाठा) नेता एवं ठाकरे के करीबी सहयोगी मिलिंद नार्वेकर ने मंगलवार को कहा कि यह 99 प्रतिशत निश्चित है कि पूर्व मुख्यमंत्री विधान परिषद चुनाव में एमवीए के उम्मीदवार होंगे। नार्वेकर ने कहा, ''लेकिन चूंकि वह ठाकरे हैं, इसलिए बाकी एक प्रतिशत के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता... लेकिन बॉस हमेशा सही होता है।''

लोकसभा चुनाव के बाद से, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने नामांकन पत्र दाखिल होने तक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं करने की रणनीति अपनाई है। एक नेता ने बताया कि इस कदम के पीछे का कारण यह सुनिश्चित करना है कि जिन्हें सूची में जगह नहीं मिल पायी, वे अंतिम समय में दबाव ना बना सकें। इस साल मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव के लिए, शिवसेना ने नामांकन पत्र दाखिल होने से ठीक एक घंटे पहले ज्योति वाघमारे को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। कांग्रेस की पूर्व सदस्य प्रज्ञा सातव के इस्तीफे से खाली हुई सीट के लिए 12 मई को अलग से उपचुनाव कराया जाएगा। इस्तीफा देने के बाद भाजपा में शामिल हुईं सातव का कार्यकाल मूल रूप से 27 जुलाई, 2030 को समाप्त होना था। भाजपा ने उपचुनाव के लिए सातव को उम्मीदवार बनाया है।
 

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