आरएसएस समर्थक होने के कारण अरुण लखानी को भाजपा उम्मीदवार बनाया गया : संजय राउत
मुंबई, सोमवार, 01 जून 2026। शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए उद्योगपति अरुण लखानी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का उम्मीदवार बनाए जाने में कुछ भी असामान्य नहीं है, क्योंकि लखानी लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का समर्थन करते रहे हैं। लखानी के बेटे सारंग लखानी का विवाह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले की बेटी रेवती से होने वाला है। भाजपा ने अरुण लखानी को 18 जून को होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है।
राउत ने संवाददाताओं से कहा, ''लखानी को भाजपा का उम्मीदवार बनाए जाने में कुछ भी असामान्य नहीं है। वह आरएसएस से जुड़े रहे हैं और एक सज्जन व्यक्ति हैं, जो हर तरह से आरएसएस को मजबूती प्रदान करते हैं।' उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र से संसद में ऐसे कई सांसद हैं, जो लंबे समय से आरएसएस से जुड़े रहे हैं। राउत ने कहा, ''लखानी न तो कांग्रेस से हैं और न ही राकांपा (शप) से। वह विदर्भ के उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने शुरू से ही आरएसएस का समर्थन किया है।'' विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि एक जून है। नामांकन पत्रों की जांच दो जून को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि चार जून निर्धारित है। मतों की गिनती 22 जून को होगी।
विधान परिषद चुनाव जिन 16 स्थानीय स्वशासी निकाय निर्वाचन क्षेत्रों में होने हैं उनमें सोलापुर, अहमदनगर, ठाणे, जलगांव, सांगली-सतारा, नांदेड़, यवतमाल, पुणे, भंडारा-गोंदिया, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, नासिक, वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली, अमरावती, उस्मानाबाद-लातूर-बीड, परभणी-हिंगोली और औरंगाबाद-जालना शामिल हैं। नागपुर स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव भी कराया जाएगा। विधान परिषद के इन चुनावों में स्थानीय निकायों के निर्वाचित सदस्य मतदाता होते हैं। मौजूदा सदस्यों का छह वर्षीय कार्यकाल समाप्त होने के कारण ये चुनाव कराए जा रहे हैं।
राउत ने प्राजक्त तनपुरे की उम्मीदवारी को लेकर भाजपा की आलोचना करते हुए कहा, ''यह भाजपा की परंपरा बन गई है। प्राजक्त तनपुरे ने पिछले विधानसभा चुनाव और उससे पहले के चुनाव में भाजपा के खिलाफ मुकाबला किया था।'' उन्होंने तनपुरे से कहा कि वह विकास कार्यों के बहाने के रूप में भाजपा का उपयोग करने का नाटक बंद करें। राउत ने कहा, ''भाजपा को कुछ मानदंडों का पालन करना चाहिए। पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं पर नए शामिल हुए नेताओं के लिए कालीन बिछाने और चाय के कप उठाने जैसी जिम्मेदारियां आ जाती हैं।'' शिवसेना (उबाठा) के राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को छोड़कर, पश्चिम बंगाल और असम के मुख्यमंत्रियों सहित भाजपा के अधिकतर नेता दलबदलू हैं।
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