महाराष्ट्र में बाल संरक्षण व्यवस्था की 15 जुलाई तक जिला-वार समीक्षा होगी
मुंबई, रविवार, 05 जुलाई 2026। महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में बाल संरक्षण तंत्र की व्यापक समीक्षा कर 15 जुलाई तक रिपोर्ट सौंपें। आयोग के सदस्य संजय लखेपाटिल ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि इस पहल का उद्देश्य बाल संरक्षण व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी और जवाबदेही को मजबूत करना तथा पूरे महाराष्ट्र में बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों को केवल संकलित करने के बजाय स्वयं उनकी सत्यता की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी जिला बाल संरक्षण इकाइयों के अध्यक्ष भी होते हैं।
आयोग ने अपने हालिया आदेश में सभी पंजीकृत और गैरपंजीकृत बाल देखभाल संस्थानों की स्थिति, उनके पंजीकरण की वैधता, भवन एवं अग्नि सुरक्षा निरीक्षण, बाल कल्याण समितियों, जिला बाल संरक्षण इकाइयों, विशेष किशोर पुलिस इकाइयों तथा जिला निरीक्षण समितियों के कामकाज का ब्योरा मांगा है। बयान के अनुसार, आयोग प्राप्त रिपोर्ट की गहन समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्र दौरे, निरीक्षण तथा सुनवाई आयोजित कर राज्य सरकार को आवश्यक सिफारिशें देगा। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट पेश नहीं की जाती है, तो आयोग उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू करेगा।
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