पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल पर संजय राउत का तंज, मोदी सरकार के नए विधेयक को बताया महज एक राजनीतिक मायाजाल
नई दिल्ली, मंगलवार, 28 जुलाई 2026। देश भर में चल रहे छात्र आंदोलनों और नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने संसद में ‘लोक परीक्षा संशोधन विधेयक-2026’ पेश किया है। इस नए विधेयक के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोलना शुरू कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस नए कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “नए पैकेट में पुरानी चीज” करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल सजा और जुर्माने की रकम बढ़ाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है। राउत ने दावा किया कि देश में पेपर लीक के रैकेट के तार सत्ताधारी दल से जुड़े हुए हैं और शिक्षण संस्थानों में नियुक्तियों के जरिए धांधलियों को अंजाम दिया जा रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि यह नया कानून परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और कड़े दंड का प्रावधान सुनिश्चित करेगा।
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