केंद्रीय छात्रवृत्ति में 700 करोड़ रु की कमी का छात्रों पर असर, सोरेन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा

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रांची, गुरुवार, 30 जुलाई 2026। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में केंद्रीय छात्रवृत्ति सहायता में 700 करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी कमी के कारण लाखों छात्र बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, और उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री से दखल देने की मांग की। सोरेन ने प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया कि वे अल्पसंख्यक छात्रों के लिए ऐसी वित्तीय सहायता फिर से शुरू करने के साथ-साथ मैट्रिक से पहले और मैट्रिक के बाद छात्रवृत्ति के लिए केंद्रीय आवंटन बढ़ाएं। सोरेन ने पत्र में लिखा, "झारखंड ने 2025-26 में मैट्रिक के बाद छात्रवृत्ति के लिए 370.87 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन केंद्र ने सिर्फ 58.22 करोड़ रुपये जारी किए। इसी तरह, 2024-25 में राज्य की 353.21 करोड़ रुपये की मांग के मुकाबले सिर्फ 33.57 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।" उन्होंने चेतावनी दी कि धन की भारी कमी के कारण लाखों छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में "देरी" हुई है, जिससे उनकी पढ़ाई पर खतरा मंडरा रहा है।

राज्य के सामने आ रही आर्थिक दिक्कतों का जिक्र करते हुए सोरेन ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की पिछड़ी जाति के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत, झारखंड ने 2024-25 में मैट्रिक से पहले छात्रवृत्ति के लिए 66.14 करोड़ रुपये मांगे थे, लेकिन "केंद्र से सिर्फ 12.61 करोड़ रुपये मिले"। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2025-26 के लिए राज्य ने 45.91 करोड़ रुपये की मांग की थी, जबकि केवल 3.95 करोड़ रुपये ही जारी किए गए।

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