जेन जी पर भाजपा को अपने 'गॉडफादर' भागवत की सलाह माननी चाहिए : दीपके

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छत्रपति संभाजीनगर, शुक्रवार, 07 अगस्त 2026। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संयोजक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को भाजपा से आग्रह किया कि वह अपने 'गॉडफादर' राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की उस सलाह पर अमल करे जिसमें उन्होंने कहा था कि विरोध-प्रदर्शन कर रहे 'जेन-जी' के युवाओं को राष्ट्रविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए। दीपके ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके वैचारिक मार्गदर्शक आरएसएस के बीच तालमेल की कमी का भी दावा किया।

मुंबई में भागवत द्वारा 'जेन-जी' के साथ संवाद के एक दिन बाद पत्रकारों से बातचीत में दीपके ने कहा कि सत्तारूढ़ दल को आरएसएस प्रमुख की उस बात को स्वीकार करना चाहिए कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुआ युवाओं का आंदोलन उनकी जायज शिकायतों को लेकर था। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हालांकि कहा कि भागवत देश के हित में बात करते हैं, न कि किसी खास राजनीतिक पार्टी के लिए।

भागवत ने बृहस्पतिवार को 'जेन-जी' का खुलकर समर्थन करते हुए कहा था कि उनकी शिकायतें जायज हैं और उन्हें उनकी ईमानदारी पर भरोसा है। उन्होंने यह भी कहा था कि विरोध-प्रदर्शन करने से युवा ''राष्ट्र विरोधी'' नहीं हो जाते। मुंबई में उनकी बातचीत को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से 'जेन-जी' (आमतौर पर 1997-2012 के बीच जन्मे) और 'जेन अल्फा' (2013-2025) तक पहुंचने की सबसे अहम कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यह कोशिश राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद हो रही है, जिसके कारण पिछले महीने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।

कॉजपा की ओर से नयी दिल्ली में संसद तक 20 जुलाई को निकाले गए मार्च के दौरान हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों को भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने जिस तरह से संभाला, उसकी कई तरफ से आलोचना हो रही है। दीपके ने कहा कि मोहन भागवत का सबसे महत्वपूर्ण बयान यह था कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं को राष्ट्रविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए और उनकी समस्याएं जायज हैं। उन्होंने कहा, ''पहले भाजपा अध्यक्ष ने हमें 'वायरस' कहा था और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हमें आतंकवादियों की 'बी-टीम' बताया था। अब उन्हें मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए, क्योंकि वे भाजपा के मार्गदर्शक और 'गॉडफादर' हैं।''

कॉजपा नेता ने दावा किया कि आरएसएस प्रमुख की बात की अनदेखी किया जाना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि भाजपा के रुख और भागवत के विचारों के बीच बिल्कुल भी तालमेल नहीं है, क्योंकि सत्तारूढ़ दल अब भी इसके विपरीत रुख अपनाए हुए है। उन्होंने कहा, ''अगर वे अपने ही मार्गदर्शक की बात नहीं सुन रहे हैं, तो यह चिंता की बात है। यदि ऐसा है, तो भागवत को एक बार भाजपा से बात करनी चाहिए।''

जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो का उल्लेख करते हुए दीपके ने उनकी गहन जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया, ''मेरा मानना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित हो रहे हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। यदि जांच हुई तो (भाजपा) आईटी प्रकोष्ठ से जारी फर्जी वीडियो का पर्दाफाश हो जाएगा।'' दीपके ने यह भी बताया कि कॉजपा ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में अपने दल भेजे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन आंदोलनों की अनदेखी की गई तो अलग-अलग स्थानों पर चल रहे ये विरोध प्रदर्शन जल्द ही देशव्यापी बड़े आंदोलन का रूप ले सकते हैं।

उन्होंने कहा, ''हम युवाओं से जुड़े मुद्दों पर लोगों को एकजुट करने का प्रयास करेंगे। यदि लोग राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर साथ आते हैं, तो वे सरकार पर उसी तरह दबाव बना सकते हैं, जैसा हमने जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान देखा था।'' इस बीच, मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भागवत देश के हित में बात करते हैं, न कि किसी खास राजनीतिक पार्टी के लिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, वे जो मुद्दे उठाते हैं, वे देश के हित में होते हैं। सभी को उनसे सीखना चाहिए। अगर विपक्ष भी उनकी बातों से सहमत है, तो मैं इसका स्वागत करता हूं।"

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