क्या आप जानते हैं अक्षय तृतीया के दिन घटने वाली 10 पौराणिक घटनाएं
अक्षय तृतीया का पर्व इस साल 3 मई को मनाया जाने वाला है। जी दरअसल यह एक अत्यंत पवित्र शुभ दिन होता है और इस कारण इस दिन को अबूझ मुहूर्त समय के रुप में भी जाना जाता है। आप सभी को बता दें कि इस दिन को विवाह सगाई, गृह प्रवेश, निर्माण कार्य, कार्य आरंभ इत्यादि शुभ कार्यों में विशेष रुप से किया जाता रहा है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं इस दिन हुई ऐसी घटनाए जो धार्मिक मान्यताओं के रूप में जानी जाती है और मानी भी जाती है।
- कहा जाता है अक्षय तृतीया के दिन श्री गणेश जी ने वेद व्यास के श्रुतलेख के लिए महाकाव्य महाभारत लिखना शुरू किया था।
- ऐसी मान्यता है कि इस दिन को हिंदू त्रिदेवों में संरक्षक के देवता भगवान विष्णु जी का प्रतिबिधित्व प्राप्त होता है।
- हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन त्रेता युग की शुरुआत हुई थी।
- कहा जाता है यह वही दिन है जब पवित्र नदी गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थी।
- कहते हैं अक्षय तृतीया को पारंपरिक रूप से भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का अवतरण होता है।
- कहा जाता है यह दिन सत्ययुग की शुरुआत का भी प्रतीक है चार युगों में से पहला।
- आप सभी को नहीं पता होगा लेकिन जैन धर्म के अनुयायी अक्षय तृतीया को एक पवित्र और सर्वोच्च शुभ दिन मानते हैं। यह भगवान आदिनाथ के साथ जुड़ा हुआ है, जिन्हें चौबीस तीर्थंकरों में से पहले ऋषभदेव के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन जो लोग वर्ष भर वैकल्पिक दिन का उपवास रखते हैं, इस दिन गन्ने का रस पीकर अपनी तपस्या समाप्त करते हैं।
- कहते हैं इस दिन भगवान नर-नारायण तथा हयग्रीव का अवतार होता है।
- कहा जाता है इसी दिन ब्रह्माजी के मानस पुत्र अक्षय कुमार का जन्म होता है।
- कहते हैं इसी दिन चारधाम की यात्रा के प्रमुख स्थल बद्रीनारायण के कपाट भी खुल जाते हैं।
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