कामिका एकादशी के दिन जरूर करें यह काम होगी स्वर्ग की प्राप्ति
सावन का महीना 14 जुलाई से आरंभ हो गया है और कहा जाता है यह महीना भगवान शिव का सबसे अधिक प्रिय होता है। जी हाँ और इस महीने में पड़ने वाले सभी पूजा-व्रतों का खास महत्व होता है। कहते हैं सावन माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। जी हाँ और सावन का महीना भगवान शिव जी की पूजा आराधना के लिए सर्वोत्तम होता है लेकिन दूसरी तरफ इस महीने में पड़ने वाला एकादशी व्रत भगवान विष्णु की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। आपको बता दें कि सावन की पहली एकादशी यानी कामिका एकादशी व्रत का महत्व अधिक है और इस व्रत को रखने से भगवान विष्णु के साथ-साथ भोलेनाथ की भी कृपा होती है। कहा जाता है इस व्रत को करने से पाप नष्ट होते हैं। आपको पता हो इस बार सावन कामिका एकादशी का व्रत 24 जुलाई 2022 को रखा जाएगा। अब आज हम आपको बताते हैं कामिका एकादशी के शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में जानते हैं।
कामिका एकादशी 2022 पूजा मुहूर्त - हिंदू पंचांग के अनुसार, कामिका एकादशी का व्रत 26 जुलाई को रखा जाएगा। सावन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 23 जुलाई दिन शनिवार को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से प्रारंभ होगी इस तिथि का समापन 24 जुलाई रविवार को दोपहर 01 बजकर 45 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि की मान्यता के मुताबिक, कामिका एकादशी व्रत 24 जुलाई को रखा जाएगा।
कामिका एकादशी 2022 महत्व - धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि कामिका एकादशी का व्रत करने से मनुष्य को हीन योनियों से मुक्ति मिलती है। जो व्यक्ति इस दिन भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करता है वो संसार के सभी पापों से मुक्त हो जाता है। केवल यही नहीं बल्कि कामिका एकादशी की रात भगवान विष्णु के मंदिर में दीपक जलाने से पितरों को स्वर्ग की प्राप्ति होती है इसी के साथ वह सौ करोड़ दीपकों से प्रकाशित होकर सूर्य लोक को जाते हैं। इसके अलावा ऐसी भी मान्यता है कि कामिका एकादशी के व्रत का महात्म्य श्रद्धा से सुनने पढ़ने वाला मनुष्य सभी पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक को जाता है।
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