आखिर क्यों मनाया जाता है ओणम का पर्व, जानिए पूजा विधि

img

ओणम आज से शुरू हो रहा है। यह दक्षिण भारत का एक प्रमुख त्योहार है। ओणम का त्योहार मुख्य रूप से केरल में मनाते हैं, हालाँकि इसकी धूम आपको पूरे दक्षिण भारत में देखने के लिए मिल सकती है। जी दरअसल ओणम को मलयालम भाषा में थिरुवोणम कहते हैं, और 10 दिनों तक चलने वाला यह त्योहार बहुत अहम माना जाता है। ओणम को खासतौर पर खेतों में फसल की अच्छी उपज के लिए मनाया जाता है। जी दरअसल ऐसा कहा जाता है कि केरल में महाबलि नाम का एक असुर राजा था और उसके आदर सत्कार में ही ओणम त्योहार मनाया जाता है। जी दरअसल यह पर्व भगवान विष्णु के वामन अवतार को भी समर्पित है। वहीं आज गुरुवार, 08 सितंबर से ओणम की शुरुआत हो रही है।

ओणम 2022 पूजा विधि - ओणम के दिन सवेरे-सवेरे स्नानादि के बाद मंदिर जाकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। नाश्ते में केला पापड़ आदि खाया जाता है। वहीं इसके बाद लोग ओणम पुष्पकालीन या पकलम बनाते हैं। आज के दिन लोग अपने घर को फूलों से सजाते हैं। इसके अलावा ओणम पर्व पर केरल में नौका दौड़, भैंस और बैल दौड़ आदि तरह की प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।

क्यों मनाया जाता है ओणम का त्योहार- जी दरअसल ओणम का त्योहार मनाने के पीछे बहुत सी मान्यताएं हैं। इन्ही में से एक मान्यता के अनुसार, यह पर्व दानवीर असुर राजा बलि के सम्मान में मनाया जाता है। कहते हैं कि विष्णु जी ने वामन का अवतार लेकर बलि के घमंड को तोड़ा था, लेकिन उसकी वचनबद्धत्ता को देखने के बाद विष्णु जी ने उसे पाताल लोक का राजा बना दिया था। वहीं दक्षिण भारत के लोग यह मानते हैं कि ओणम के पहले दिन राजा बलि पाताल लोक से धरती पर आते हैं और अपनी प्रजा का हाल चाल लेते हैं।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement