बृहस्पति देव को समर्पित है गुरुवार का दिन, इस तरह करें पूजा
शास्त्रों के अनुसार गुरुवार को बृहस्पति देव की पूजा करने का विधान है। बृहस्पति की उपासना ज्ञान, सौभाग्य व सुख देने वाली मानी गई है। दरअसल बृहस्पति की उपासना करने से ज्ञान व विद्या के रास्ते तन, मन व भौतिक दुखों से मुक्त जीवन जी सकते हैं। हिन्दू धर्म शास्त्रों के विशेष कामनाओं की पूर्ति हेतु खास दिनों पर की जाने वाली गुरु पूजा में गुरुवार को देवगुरु बृहस्पति की पूजा का भी महत्व बताया गया है।
व्रत विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान कर ले।
- बृहस्पतिदेव की पूजा करते समय उनका ध्यान करें।
- इसके बाद पीले फल, पीले फूल, पीले वस्त्रों से भगवान बृहस्पतिदेव को चढाये।
- गंध, अक्षत, पीले फूल, चमेली के फूलों से पूजा करें। पीली वस्तुओं जैसे चने की दाल से बने पकवान, चने, गुड़, हल्दी या पीले फलों का भोग लगाएं।
- गुरुवार के दिन एक ही समय भोजन करे वह भी बिना नमक का भोजन का इस्तेमाल करे। तत्पश्चात ही मनोकामना पूरी होगी।
Similar Post
-
पांच दिनों के भीतर डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदारनाथ के दर्शन
देहरादून/रूद्रप्रयाग, मंगलवार, 28 अप्रैल 2026। उत्तराखंड के रू ...
-
तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ जी के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुले
देहरादून, गुरुवार, 23 अप्रैल 2026। विश्व के सबसे ऊंचाई पर स्थित ...
-
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण स्थगित की गई माता वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू
जम्मू, रविवार, 22 मार्च 2026। जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में त् ...
