कब है हरियाली तीज? जानिए शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

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श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए तीज का त्योहार मनाया जाता है. श्रावण में होने की वजह से और चारों ओर हरियाली की वजह से इसे हरियाली तीज कहा जाता है. कहा जाता है कि इस दिन मां पार्वती ने महादेव को कठोर तपस्या से प्राप्त किया था. इस दिन वृक्ष, नदियों, जल के देवता वरुण की भी उपासना की जाती है. मुख्य तौर पर ये त्योहार अच्छे और मनचाहे वर की प्राप्ति का है. जिन कन्याओं के विवाह में परेशानी हो, उनके लिए ये पूजा-उपासना विशेष होती है. जिन महिलाओं का विवाह हो चुका हो, उनको भी इस दिन संयुक्त तौर पर शिव पार्वती की उपासना करनी चाहिए. इस बार हरियाली तीज 19 अगस्त 2023, शनिवार को मनाई जाएगी. 

हिंदू पंचांग के मुताबिक, हरियाली तीज सावन महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इस बार तृतीया तिथि का आरम्भ 8 अगस्त को रात 8 बजकर 1 मिनट पर होगी तथा इसका समापन 19 अगस्त को रात 10 बजकर 19 मिनट पर होगा. उदयातिथि के मुताबिक, हरियाली तीज 19 अगस्त 2023, शनिवार को ही मनाई जाएगी. इस दिन रवि योग का निर्माण भी होने जा रहा है. रवि योग की शुरुआत 19 अगस्त की रात 1 बजकर 47 मिनट पर होगी तथा समापन 20 अगस्त प्रातः 5 बजकर 53 मिनट पर होगा. 

हरियाली तीज पूजन सामग्री:-
केले के पत्ते, बेल पत्र, धतूरा, अंकव पेड़ के पत्ते, तुलसी, शमी के पत्ते, काले रंग की गीली मिट्टी, जनेऊ, धागा एवं नए वस्त्र. माता पार्वती जी के श्रृंगार के लिए चूडियां, महौर, खोल, सिंदूर, बिछुआ, मेहंदी, सुहाग पूड़ा, कुमकुम और कंघी. इसके अतिरिक्त पूजा में नारियल, कलश, अबीर, चंदन, तेल और घी, कपूर, दही, चीनी, शहद ,दूध और पंचामृत.  

हरियाली तीज पूजन विधि:-
इस दिन उपवास रखना चाहिए तथा श्रृंगार करना चाहिए. श्रृंगार में मेहंदी और चूड़ियों का अवश्य इस्तेमाल करें. शाम को शिव मंदिर में शिव पार्वती की उपासना करें, मंदिर में घी का बड़ा सा दीपक जलाएं. संभव हो तो मां पार्वती एवं शिव जी के मंत्रों का जाप करें. पूजा के बाद सौभाग्यवती स्त्री को सुहाग की चीजें दान करें एवं सौभाग्यवती स्त्री से आशीर्वाद लें. इस दिन काले और सफेद वस्त्रों का प्रयोग करना वर्जित है, हरा एवं लाल रंग सबसे अधिक शुभ होता है. 

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