राज्यपाल मानहानि मामला : ममता ने कहा-मेरी टिप्पणी में कुछ भी मानहानिकारक नहीं
कोलकाता, सोमवार, 15 जुलाई 2024। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को अपने इस बयान पर दृढ़ता से कायम रहीं कि महिलाओं ने कोलकाता में राजभवन में जाने को लेकर डर जाहिर किया था। ममता ने मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अन्य नेताओं के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे में अंतरिम आदेश के लिए राज्यपाल सीवी आनंद बोस की ओर से कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष दाखिल याचिका का विरोध भी किया। ममता के वकील एसएन मुखर्जी ने न्यायमूर्ति कृष्ण राव के समक्ष दलील दी कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी सार्वजनिक हित के मुद्दों पर एक निष्पक्ष टिप्पणी थी और यह मानहानिकारक नहीं थी।
मुख्यमंत्री के अपने बयान पर कायम रहने की बात कहते हुए मुखर्जी ने दलील दी कि उन्होंने केवल राजभवन में कुछ कथित गतिविधियों पर महिलाओं की आशंकाओं को प्रतिध्वनित किया था। मुखर्जी ने कहा कि वह हलफनामे में उन महिलाओं के नाम बताने को तैयार हैं, जिन्होंने ऐसी आशंका जाहिर की है। दो मई को राजभवन में कार्यरत एक संविदा महिला कर्मचारी ने बोस के खिलाफ छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, जिसके बाद कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत किसी राज्यपाल के खिलाफ उसके कार्यकाल के दौरान कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती है।
Similar Post
-
ममता बनर्जी की मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक करने के मामले में 3 डॉक्टरों को भेजा गया नोटिस
कोलकाता, सोमवार, 05 अक्टूबर 2026। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमं ...
-
बिहार विधान परिषद चुनाव में नीरज का समर्थन नहीं करेंगे अनंत सिंह : ललन
पटना, सोमवार, 05 अक्टूबर 2026। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ...
-
अहमदाबाद मैराथन विश्व एथलेटिक्स के वैश्विक कैलेंडर में शामिल
अहमदाबाद, सोमवार, 05 अक्टूबर 2026। अदाणी अहमदाबाद मैराथन को 29 नव ...
