मुंबई में भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव, ट्रेन सेवा हुई प्रभावित
मुंबई, गुरुवार, 25 जुलाई 2024। मुंबई और उसके उपनगरों में बृहस्पतिवार को भारी बारिश हुई जिससे कुछ इलाकों में सड़कों पर जलभराव हो गया। इसके चलते यातायात बाधित हुआ और लोकल ट्रेन सेवा प्रभावित हुई। अधिकारियों ने बताया कि जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण विहार और मोदक सागर झीलें उफान पर हैं। अधिकारियों ने कहा कि इसके साथ ही महानगर को पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने वाले सात जलाशयों में से चार अब उफान पर हैं, जिससे कुल जल भंडार में सुधार हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों में सुबह आठ बजे से शहर और उपनगरों में मध्यम से भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्याधिक बारिश होने की संभावना जताई है। एक अधिकारी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण शहर के औद्योगिक केंद्र से होकर बहने वाली मीठी नदी का जलस्तर 2.5 मीटर तक बढ़ गया है, जबकि इसका खतरे का निशान 4.2 मीटर है।
उन्होंने बताया कि दोपहर दो बजकर 51 मिनट पर अरब सागर में 4.64 मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है। पवई और तुलसी झीलें पहले ही उफान पर हैं। उन्होंने कहा कि आईएमडी ने पूर्वानुमान लगाया है कि मुंबई में आंशिक रूप से 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में द्वीपीय शहर (मुंबई) में 44 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इसके पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमश: 90 मिमी और 89 मिमी बारिश दर्ज की गई।
सुबह से ही भारी बारिश होने के कारण कुछ निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे शहर में यात्री बसों का संचालन करने वाली 'बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट)' को अपने वाहनों को आरे कॉलोनी के मार्गों से जाना पड़ा। यात्रियों ने शिकायत की कि पश्चिमी रेलवे और मध्य रेलवे द्वारा संचालित उपनगरीय सेवाएं 10-15 मिनट देरी से चल रही हैं। मध्य रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि भारी बारिश के कारण दृश्यता कम होने के कारण उपनगरीय ट्रेनों की गति कम कर दी गई है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बृहस्पतिवार को कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो पुणे में बारिश से प्रभावित लोगों को हवाई मार्ग से निकाला जाएगा। शिंदे ने कहा कि उन्होंने पुणे के जिलाधिकारी और शहर तथा पड़ोसी औद्योगिक नगर पिंपरी चिंचवड़ के नगर निकाय प्रमुखों से बात की है। उन्होंने सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों से भी बात कर लोगों को निकालने में मदद मांगी है। मुख्यमंत्री ने कहा, "अगर जरूरत पड़ी तो हमने उन्हें लोगों को हवाई मार्ग से निकालने को कहा है। चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।" उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रशासन को सतर्क रहने और आवश्यक प्रबंध करने तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई जनहानि न हो।
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