तेलंगाना : बैंक धोखाधड़ी मामले में 20 साल से झांसा देकर बच रहा आरोपी आया सीबीआई की गिरफ्त में
हैदराबाद, मंगलवार, 06 अगस्त 2024। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में 20 साल से फरार घोषित अपराधी वी. चलपति राव को गिरफ्तार किया है जिसे यहां की एक अदालत ने कुछ साल पहले मृत करार दे दिया था। सीबीआई ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वी. चलपति राव ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान और जगह बार-बार बदली। मई 2002 में सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ बैंक के साथ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। उस समय वह हैदराबाद में भारतीय स्टेट बैंक की चंदूलाल बिरादरी शाखा में कम्प्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम कर रहा था।
सीबीआई ने 31 दिसंबर 2004 में दो आरोपपत्र दाखिल किए थे। आरोपी 2004 से लापता था। धोखाधड़ी मामले में उसकी पत्नी भी आरोपी है। उसने हैदराबाद पुलिस में एक शिकायत दर्ज करायी थी। उसने राव के कथित तौर पर लापता होने के सात साल बाद उसे मृत घोषित करने के लिए दीवानी अदालत का भी रुख किया था।इसके बाद हैदराबाद की एक दीवानी अदालत ने उसे मृत घोषित करने का आदेश दिया था। आरोपी बार-बार अपनी जगह, मोबाइल नंबर और पहचान बदलता रहा। हालांकि, सीबीआई भी उसके पीछे लगी रही और आखिरकार उसे तमिलनाडु के एक गांव से दबोच लिया गया। सीबीआई द्वारा जुटायी सूचना के अनुसार, आरोपी सलेम भाग गया था। वहां उसने एम. विनीत कुमार बनकर 2007 में एक महिला से शादी कर ली और आधार नंबर भी हासिल कर लिया।
सीबीआई को उसकी दूसरी पत्नी के जरिए पता चला कि वह अपनी पहली पत्नी से हुए बेटे के संपर्क में था। हालांकि, 2014 में वह बिना बताए सलेम छोड़कर चला गया और भोपाल पहुंचा जहां उसने ‘लोन रिकवरी एजेंट’ के तौर पर काम किया और फिर वह उत्तराखंड के रुद्रपुर चला गया जहां उसने एक विद्यालय में काम किया। जब सीबीआई टीम रुद्रपुर पहुंची तो पता चला कि वह 2016 में फरार हो गया था और औरंगाबाद के वेरुल गांव में एक आश्रम में चला गया। आश्रम में उसका नाम स्वामी विधितात्मानंद तीर्थ था और वहां भी उसने आधार कार्ड बनवा लिया था। दिसंबर 2021 में उसने आश्रम से करीब 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी की और वहां से चला गया।
फिर वह राजस्थान गया और इस साल आठ जुलाई तक वहां रहा। भरतपुर से वह तिरुनलवेली चला गया। इस दौरान उसने करीब 10 बार अपना मोबाइल नंबर बदला और उसकी समुद्र मार्ग से श्रीलंका भागने की योजना था। आखिरकार उसे चार अगस्त को तिरुनेलवेली के नरसिंगानल्लूर गांव से गिरफ्तार कर लिया गया जहां वह छिपा हुआ था। उसे एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया है जहां उसे 16 अगस्त तक रिमांड पर भेज दिया गया।
Similar Post
-
फडणवीस से वार्ता के निमंत्रण के बाद राकांपा ने कृषि ऋण माफी को लेकर आंदोलन स्थगित किया
छत्रपति संभाजीनगर, सोमवार, 29 जून 2026। राष्ट्रवादी कांग्रेस प ...
-
महाराष्ट्र टीईटी प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठी
मुंबई, सोमवार, 29 जून 2026। महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्षी ...
-
पुरी में देव स्नान पूर्णिमा का भव्य आयोजन
- 108 घड़ों के जल से हुए भगवान जगन्नाथ के दर्शन, लाखों भक्त हुए भाव ...
