सपा की नेता सुमैय्या राना ने नजरबंद किए जाने का आरोप लगाया, पुलिस का इनकार
लखनऊ, शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025। मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटी एवं समाजवादी पार्टी (सपा) महिला सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुमैय्या राना ने पुलिस पर उन्हें नजरबंद करने का आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान नव नियुक्त मुस्लिम महिला चिकित्सक का नकाब हटाने और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राना ने 16 दिसंबर को लखनऊ के कैसरबाग थाने में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की थी। सुमैय्या राना ने ‘पीटीआई-भाषा’ से फोन पर कहा, ‘‘मैं कल से नजरबंद हूं। कैसरबाग पुलिस प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है।’’
उन्होंने दावा किया इन कृत्यों से आहत होकर संबंधित महिला चिकित्सक कोलकाता चली गई और उसने नौकरी भी छोड़ दी, लेकिन इसके बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। हालांकि, महिला चिकित्सक ने नौकरी छोड़ने के संबंध में सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उन्हें ऐसी किसी भी खबर की जानकारी नहीं है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि चिकित्सक ने सरकारी नौकरी में शामिल होने से मना कर दिया है।
सपा नेता राना ने कहा, ‘‘चूंकि मैं भी उसी समाज से हूं और हिजाब पहनती हूं, इसलिए मुझे इसकी पीड़ा है।’’ पुलिस द्वारा नजरबंदी से इनकार किए जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सीसीटीवी लगाया है और कल से ही मेरे घर के सामने पुलिस तैनात है। वे मुझे नजरबंद भी कर रहे हैं और आधिकारिक रूप से स्वीकार भी नहीं कर रहे। इसका मतलब है कि मुझे बंधक बनाया गया है।’’
उन्होंने कहा कि अब वह पुलिस आयुक्त के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराएंगी। राना ने पुलिस आयुक्त को दी जाने वाली तहरीर भी ‘पीटीआई-भाषा’ से साझा की है जिसमें आरोप लगाया है कि पटना में आयुष चिकित्सकों के नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ. नुसरत परवीन नामक मुस्लिम महिला चिकित्सक का सार्वजनिक रूप से नकाब हटाकर अपमान किया और अमर्यादित बयान देकर एक विशेष धर्म के खिलाफ घृणा फैलाने का प्रयास किया।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस घटना से धार्मिक उन्माद फैलाने और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया गया। शिकायत में इस घटना पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद द्वारा दिए गए कथित अपमानजनक बयान को भी समस्त मुस्लिम समाज के अपमान का कुत्सित प्रयास बताया गया है। राना ने दावा किया कि नीतीश कुमार की घटना से संबंधित फोटो और संजय निषाद के बयान के अंश तहरीर के साथ संलग्न किए गए हैं। ‘पीटीआई-भाषा’ ने सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रत्नेश सिंह से इस बारे में पूछा तो उन्होंने सुमैय्या राना को नजरबंद किए जाने से इनकार किया। सिंह ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है। थाना प्रभारी ने ऐसी कोई सूचना नहीं दी है।’’
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