तमिलनाडु विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर केंद्र से मनरेगा को जारी रखने की अपील की
चेन्नई, शुक्रवार, 23 जनवरी 2026। तमिलनाडु विधानसभा ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से राज्य की ग्रामीण आबादी की आजीविका की रक्षा के लिए मनरेगा को जारी रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस प्रस्ताव को सदन में पेश किया। स्टालिन ने केंद्र द्वारा शुरू की गई नवीनतम ग्रामीण रोजगार योजना ' विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी' (वीबी-जी राम जी) का जिक्र करते हुए कहा, ''प्रस्तावित नई योजना ने मनरेगा की जगह ली है।... यह पूरे भारत में ग्रामीण लोगों की आजीविका, राज्यों की वित्तीय संरचना, स्थानीय निकायों की आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों को कमजोर करती है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में चाहे वह बुनियादी ढांचा परियोजना हो या लोगों की आजीविका को बेहतर बनाने की योजना, सभी पहलों को बिना किसी भेदभाव के कुशलतापूर्वक लागू किया गया।
स्टालिन ने सदन में सत्ता पक्ष के सदस्यों द्वारा मेजों को थपथापाने के बीच कहा, ''केंद्र सरकार की कई परियोजनाओं में तमिलनाडु अव्वल है और विभिन्न मंत्रालयों से लगातार सराहना प्राप्त कर रहा है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र किसी परियोजना की प्रगति के आधार पर धनराशि जारी नहीं कर रहा है और जानबूझकर धनराशि तत्काल जारी करने से बचता है, जो तमिलनाडु के विकास के प्रति 'सौतेले' रवैये को दर्शाती है। स्टालिन ने दावा किया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)के तहत, मजदूरी के लिए 1,026 करोड़ रुपये और सामग्री घटक के लिए 1,087 करोड़ रुपये आज तक जारी नहीं किए गए हैं।
उन्होंने सवाल किया, ''राशि जारी करने में देरी से कौन प्रभावित हो रहा है? तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले आम लोग और किसान प्रभावित हो रहे हैं। हमारे राज्य के साथ यह भेदभाव क्यों?'' तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक)के सांसदों द्वारा वीबी-जी राम जी योजना का शुरुआती चरण में ही कड़ा विरोध किये जाने का उल्लेख करते हुए स्टालिन ने कहा, ''सभी विपक्षी दलों ने एकजुट होकर आवाज उठाई थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने जनता की आवाज को अनसुना करते हुए इसे पारित कर दिया है। यह नई योजना जनता की जरूरतों पर आधारित नहीं है। मैंने इस संबंध में 18 दिसंबर, 2025 को प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'वीबी-जी राम जी' के तहत रोजगार 'काम के अधिकार' के रूप में प्रदान नहीं किया जाता है, बल्कि यह केंद्र द्वारा निर्धारित किए जाने वाले अस्थायी आवंटन पर आधारित होता है। स्टालिन ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटाकर उसकी जगह वीबी-जी राम जी का नाम विभिन्न गुप्त उद्देश्यों के साथ रखा गया है। उन्होंने अपील की, ''यह सदन इस बात पर जोर देता है कि महात्मा गांधी के नाम से यह योजना जारी रहनी चाहिए ताकि उनके द्वारा राष्ट्र के लिए निर्धारित सिद्धांतों और मार्ग को हमेशा के लिए याद किया जा सके।''
Similar Post
-
मेरठ में दो उपनिरीक्षक पर व्यापारी का अपहरण और वसूली का आरोप, 15 लाख रुपये बरामद
मेरठ (उप्र), मंगलवार, 10 फरवरी 2026। मेरठ में लोहिया नगर थाने में ...
-
यदि भाषा विरोध बीमारी है तो अधिकांश राज्य इससे ग्रस्त हैं: राज ठाकरे ने भागवत पर साधा निशाना
मुंबई, मंगलवार, 10 फरवरी 2026। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनए ...
-
प्रतिस्पर्धा के बजाय अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर आधारित है भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम: इसरो प्रमुख
बेंगलुरु, मंगलवार, 10 फरवरी 2026। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संग ...
