न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने लंबित मामलों को कम करने, कामकाज की दक्षता बढ़ाने के लिए डिजिटल पहल शुरू कीं

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नई दिल्ली, गुरुवार, 29 जनवरी 2026। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने न्यायपालिका के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने और लंबित मामलों की संख्या कम करने के मकसद से तकनीक आधारित प्रशासनिक पहलों की बृहस्पतिवार को घोषणा की। प्रधान न्यायाधीश ने दिन की कार्यवाही की शुरुआत में यह घोषणा की। उन्होंने कहा, “कुछ अच्छी खबर है। हम न्यायपालिका के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने और लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।” सीजेआई ने कहा, “हमने विभिन्न उच्च न्यायालयों के साथ एक डिजिटल साझेदारी की शुरुआत की है, जिसके तहत एक ऐसा मंच होगा जो विभिन्न न्यायालयों और निचली अदालत के आदेशों के अनुसार मामलों की स्थिति में बदलाव करेगा…।’’

इस प्रणाली के तहत निचली अदालतों के आदेश और उच्च न्यायालयों के निर्देश डिजिटल रूप से अद्यतन किए जाएंगे और सभी अदालतों में परिलक्षित होंगे। प्रधान न्यायाधीश ने प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए एक एकीकृत ऑनलाइन भुगतान प्रणाली शुरू करने की भी घोषणा की। इसमें ‘एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड’ (एओआर) परीक्षा शुल्क का भुगतान और अदालती सुविधाओं के शुल्क का भुगतान शामिल होगा। इसके अलावा, उच्चतम न्यायालय ने अदालत परिसर की सुरक्षा में व्यापक सुधार की शुरुआत की है। प्रधान न्यायाधीश ने ‘पार्क ऑथराइजेशन रिकॉर्ड कीपर’ (पार्क) नाम का एक नया ऐप भी शुरू किया, जो स्वचालित तरीके से वाहनों की अनुमतियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल को संचालित करता है।

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