कांग्रेस पर मोदी की टिप्पणी, राजनीतिक हताशा का प्रतीक: गहलोत

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जयपुर, शनिदेव, 28 फरवरी 2026। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी को उनकी राजनीतिक हताशा का प्रतीक करार देते हुए शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री को खुद को देश से बड़ा मानने की भूल नहीं करनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को कायड़ (अजमेर) में एक जनसभा में आरोप लगाया कि कांग्रेस अब 'इंडियन नेशनल कांग्रेस' (आईएनसी) नहीं बल्कि "एमएमसी" यानी "मुस्लिम लीगी-माओवादी कांग्रेस" बन गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे देश में लगातार हार रही कांग्रेस गुस्से में इसका बदला भारत को बदनाम करके ले रही है। इस पर पलटवार करते हुए गहलोत ने एक बयान में कहा, ''आज अजमेर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर की गई टिप्पणी उनकी राजनीतिक हताशा का प्रतीक है।'' उन्होंने कहा, ''जिस विचारधारा ने आजादी की लड़ाई में नाखून तक नहीं कटाया, उनका गौरवशाली इतिहास वाली कांग्रेस पर देश बांटने जैसे आरोप लगाना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि वैचारिक दिवालियेपन का प्रमाण है।"

गहलोत ने लिखा, ''मोदी जी, याद रखिए आपका विरोध करना देश का विरोध करना नहीं है। अपने आप को देश से बड़ा मानने की भूल मत कीजिए।'' पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ''दुखद है कि सरकारी मंच का उपयोग आपने केवल संकीर्ण राजनीति के लिए किया।'' उन्होंने कहा, ''जनता उम्मीद कर रही थी कि आप मेरे पत्र द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों पर बोलेंगे। क्या आप नहीं चाहते कि राजस्थान की तरह पूरे देश को 'स्वास्थ्य का अधिकार' मिले? क्या 'गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट' और शहरी रोजगार गारंटी जैसे क्रांतिकारी फैसलों पर आपकी कोई रुचि नहीं है?''

पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर गहलोत ने कहा, ''भाजपा सरकार ने ईआरसीपी का नाम बदला है, लेकिन कोई काम नहीं किया है। राजस्थान की जनता सच जानती है।'' गहलोत ने कहा कि पेपर लीक पर राजनीति करने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी को राजस्थान के उस कड़े कानून की सराहना करनी चाहिए थी, जिसमें आजीवन कारावास की सजा, 10 करोड़ रुपये जुर्माना और दोषियों की संपत्ति जब्त जैसे प्रावधान हैं, जो देश में मिसाल बने हैं। एक बयान में उन्होंने कहा, ''युवाओं को बरगलाने की राजनीति करने के बजाय केंद्र सरकार के स्तर से ऐसा सख्त कानून बनाने की बात करनी चाहिए थी।''

उन्होंने कहा, ''राज्य सरकार तो राजस्थान में भाजपा सरकार के दौरान हुए 'ओएमआर शीट' घोटाले की जांच करने की हिम्मत तक नहीं दिखा पा रही।'' गहलोत ने राज्य की भाजपा सरकार पर उनकी पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं बंद करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''बेहतर यह होता कि आप (प्रधानमंत्री मोदी) विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सरकार की योजनाएं बंद न करने की अपनी गारंटी पर कायम रहते हुए आज मुख्यमंत्री को बंद की गई योजनाओं को पुनः शुरू करने का निर्देश देते, क्योंकि राजस्थान में आपके 'डबल इंजन' का खोखला नारा अब 'डबल जीरो' साबित हो रहा है।''

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