किसान आईडी डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंता, सरकार ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

img

मुंबई, मंगलवार, 10 मार्च 2026। महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को कांग्रेस ने किसान पहचान संख्या बनाने की प्रक्रिया में निजी एजेंसियों की संभावित भागीदारी और किसानों के संवेदनशील डेटा की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। विधानसभा में 'प्रश्नकाल' के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि कुछ स्थानों पर जन सेवा केंद्र (सीएससी) या अन्य एजेंसियों के माध्यम से किसान आईडी कार्ड कथित तौर पर छापकर किसानों को बेचे जा रहे हैं।

उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले की जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि कहीं निजी संस्थाएं किसी तरह की अनियमितताओं में तो शामिल नहीं हैं। कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देशभर के किसानों को आधार की तरह एक विशिष्ट (यूनिक) किसान आईडी प्रदान की जा रही है। वडेट्टीवार ने यह भी जानना चाहा कि क्या इस काम के लिए निजी कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई है और यदि हां, तो क्या इसके लिए निविदा प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से अपनाई गई थी। वरिष्ठ विधायक ने कहा कि किसान आईडी प्रणाली के तहत किसानों की व्यक्तिगत और बैंक से जुड़ी संवेदनशील जानकारी एकत्र की जाती है। ऐसे में उन्होंने यह भी पूछा कि डेटा के दुरुपयोग, साइबर हैकिंग या चोरी को रोकने के लिए सरकार ने क्या सुरक्षा उपाय किए हैं।

राज्य के कृषि मंत्री दत्ता भराने ने स्पष्ट किया कि किसान आईडी कार्ड को आधिकारिक रूप से छापकर बेचने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि कोई सीएससी या सेवा केंद्र इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान आईडी कार्ड की बिक्री को लेकर सरकार को अब तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, यदि इस तरह की किसी भी अनियमितता की जानकारी सरकार के संज्ञान में आती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि कृषि जनगणना के अनुसार महाराष्ट्र में लगभग 1.71 करोड़ किसान हैं और चार मार्च 2026 तक 1.31 करोड़ से अधिक किसानों के लिए किसान आईडी जारी की जा चुकी है। वहीं, राज्य के राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटिल ने बताया कि 2023-24 के खरीफ सीजन के दौरान फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को राज्य सरकार ने 15,817 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। प्रश्नों के जवाब में पाटिल ने कहा कि राज्य में करीब 1.02 करोड़ किसानों की फसलें प्रभावित हुईं, जिनमें लगभग 79.82 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान दर्ज किया गया। सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है।
 

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement