आज मतदान का अधिकार छीना जा रहा है, अगली बार वे नागरिकता भी छीन लेंगे: ममता बनर्जी
मैनागुड़ी (पश्चिम बंगाल), बुधवार, 25 मार्च 2026। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर बुधवार को तीखा हमला करते हुए उन पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करके लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने उत्तर बंगाल के मैनागुड़ी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग ‘‘मतदान के अधिकार छीन रहे हैं।’’ उन्होंने चेतावनी दी कि अगला कदम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करके नागरिकता छीनने का प्रयास हो सकता है।
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से कुछ समुदायों को चुनाव प्रक्रियाओं से बाहर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘राजबंशियों के नाम एसआईआर के जरिए हटा दिए गए हैं। महिलाओं के नाम भी हटाए जा रहे हैं। अगर एसआईआर की वजह से मौतें होती हैं, तो जिम्मेदारी कौन लेगा?’’ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग, भाजपा और केंद्र सरकार संविधान का पालन नहीं कर रहे और मतदान के अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं। आज वे मतदान के अधिकार छीन रहे हैं; कल वे राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लाकर नागरिकता छीन लेंगे।’’
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना बनर्जी ने जनसभा में उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे ‘‘यहां मौजूद सज्जन और दिल्ली में दोनों सज्जनों को विदा’’ करें। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तृणमूल कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत राज्य की जनता है। उन्होंने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर मिलीभगत से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘उन्होंने हमसे सब कुछ छीन लिया है। अब मेरे पास सिर्फ हमारी जनता है।’’
बनर्जी से उत्तर बंगाल के लिए रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर निर्वाचन आयोग के छह साल पुराने दस्तावेज का हवाला देते हुए इसी तरह के आरोप लगाए थे। इस दस्तावेज में कथित तौर पर भाजपा का कमल चिह्न अंकित था। उन्होंने कहा, ‘‘आप छुपकर क्यों खेल रहे हैं? खुलकर सामने आइए और मुकाबला करिए।’’ बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपने साथ वकील ले जाने के लिए कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित असम में नामांकन रद्द कर दिए गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने उम्मीदवारों से नामांकन दाखिल करते समय वकीलों को साथ ले जाने के लिए कहूंगी। असम में कई नामांकन रद्द कर दिए गए हैं। मुझे भाजपा और निर्वाचन आयोग पर भरोसा नहीं है।’’
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