'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' एक छलावा है : कांग्रेस

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नई दिल्ली, सोमवार, 06 अप्रैल 2026। कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिजन के स्वामित्व वाली कंपनियों को कथित तौर पर सरकारी ठेके दिए जाने के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच का निर्देश दिए जाने के बाद सोमवार को कहा कि यह बात उजागर हो चुकी है कि 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' पूरी तरह छलावा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस कतार में हैं, जिनमें ''पूर्वोत्तर से जल्द ही पूर्व बनने वाले'' एक मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। उनका इशारा असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की ओर था। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को निर्देश दिया कि अरुणाचल प्रदेश में सार्वजनिक कार्यों के ठेके मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिजन के स्वामित्व वाली कथित कंपनियों को दिए जाने के मामले में वह दो सप्ताह में प्रारंभिक जांच करे।

रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''उच्चतम न्यायालय ने अभी हाल ही में सीबीआई को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर दिए गए ठेकों की प्रारंभिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। यह तो एक शुरूआत है। कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस कतार में हैं, जिनमें पूर्वोत्तर से जल्द ही पूर्व बनने वाले एक मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।'' उन्होंने कहा कि 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' पूरी तरह छलावा है, यह अब उजागर हो रहा है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान उस समय ''ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा'' का नारा दिया था जब वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे। उनके कहने का तात्पर्य यह था कि वह न तो वह खुद भ्रष्टाचार करेंगे और न ही किसी को करने देंगे।

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