भाजपा ने आप को \"प्रॉक्सी\" की तरह इस्तेमाल किया, अब मुखौटा उतर गया : कांग्रेस

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नई दिल्ली, सोमवार, 27 अप्रैल 2026। कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी को अतीत में उसके (कांग्रेस) खिलाफ ''प्रॉक्सी'' की तरह इस्तेमाल किया और अब आप एवं अरविंद केजरीवाल का मुखौटा उतर चुका है। पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने अपनी यह पुरानी बात फिर दोहराई कि दिल्ली में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस का आम आदमी पार्टी को सहयोग करना एक बड़ी गलती थी और 2024 के लोकसभा चुनाव में ''इंडिया'' गठबंधन के सहयोगी दलों के दबाव में आप के साथ सीटों का तालमेल किया गया था। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि केजरीवाल की पार्टी ने धनकुबेरों को धन के आधार पर राज्यसभा भेजा और अब इसका नाम "अरबपति आदमी पार्टी" हो जाना चाहिए। माकन ने आम आदमी पार्टी के पूर्व सांसद सुशील गुप्ता का उदाहरण देते हुए कहा, ''आप ऐसी पार्टी है, जिसने योग्य लोगों को राज्यसभा न भेजकर धनकुबेरों को धन के आधार पर संसद में भेजा है।''

कांग्रेस नेता ने कहा, ''मैंने आप छोड़ने वाले सात सांसदों के हलफनामे देखा तो पता चला कि इनमें से प्रति राज्यसभा सदस्य की घोषित संपत्ति औसतन 818 करोड़ 50 लाख 35 हजार 420 रुपये है।'' उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का उल्लेख करते हुए कहा, ''हमने 21वीं सदी में मनमोहन सिंह और शीला दीक्षित की तरह प्रशासक नहीं देखे। लेकिन फिर भी आप और अरविंद केजरीवाल ने उन्हें बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ा, उन्हें बदनाम करने की साजिश की।'' माकन ने दावा किया कि जब भाजपा मनमोहन सिंह और शीला दीक्षित के खिलाफ कुछ नहीं कर पा रही थी, तो उसने आप के रूप में एक 'प्रॉक्सी' को आगे किया।

उन्होंने कहा, ''अब आप वहीं चुनाव लड़ती है, जहां कांग्रेस और भाजपा का सीधा मुकाबला होता है, जिससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया जा सके। आप और अरविंद केजरीवाल के चेहरे से यह मुखौटा पूरी तरह उतर गया है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि आप के नेता ''देशद्रोही'' हैं क्योंकि इस पार्टी को अलगाववादी ताकतों की ओर से वित्तपोषण हुआ था। कांग्रेस नेता ने कहा, ''पंजाब की अलगाववादी ताकतें कहती हैं कि उनके लोगों को सुना नहीं जाता, उन्हें न्याय नहीं मिलता। आज भाजपा ने ठीक वही किया है, जो अलगाववादी ताकतें सिद्ध करना चाहती हैं।''

उनका यह भी कहना था, ''2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा को 6.6 प्रतिशत वोट मिले थे, मतलब 117 में से उनके सिर्फ दो विधायक थे। हमारे संविधान के अनुसार राज्यों से विधायक अपने प्रतिनिधि चुनकर राज्यसभा में भेजते हैं। मतलब, जिस अनुपात में लोगों ने वोट दिया होता है, उसी अनुपात में राज्यसभा में सांसद पहुंचते हैं। ऐसे में जिस राज्य में भाजपा को 6.6 प्रतिशत वोट मिले थे, अब उन्हें राज्यसभा में 85.7 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिल गया है। यानी पंजाब के अंदर सात में से छह सांसद भाजपा के हैं।'' उन्होंने सवाल किया कि नरेन्द्र मोदी और भाजपा के नेता ये बात पंजाब की जनता को कैसे समझाएंगे?

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