कामगारों के कल्याण के लिए हमारी सरकार कृतसंकल्पित- मुख्यमंत्री शर्मा

img

  • कुम्हार, कुमावत, प्रजापत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बजट घोषणाओं के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार

जयपुर, शनिवार, 02 मई 2026। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। माटी कला के उत्पाद शगुन और प्रगति के प्रतीक हैं। राज्य सरकार माटी कला को प्रोत्साहित करने और इस कला से जुड़े शिल्पकारों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री निवास पर शनिवार को कुम्हार, कुमावत, प्रजापत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बजट घोषणाओं और समाज हित में किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताकर अभिनंदन किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते परिवेश में माटी कला के हितधारकों की समस्याओं का निराकरण करने तथा समाज के कल्याण एवं जीवन स्तर को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास किया जा रहा है। 

शिल्पकारों एवं कामगारों की सामाजिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

 उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारपेंटर, मूर्तिकार, कुम्हार, राजमिस्त्री सहित 18 ट्रेड के दस्तकारों को 5 प्रतिशत की दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत वर्ष 2025 तक 2 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षण तथा 53 हजार से अधिक लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स एवं लोक कलाकारों के लिए मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना शुरू की गई है। जिसके तहत 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर इस श्रेणी के लोगों को 3 हजार रुपये मासिक पेंशन देने का प्रावधान किया है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रावासों, आवासीय विद्यालयों में आवासरत एवं अध्ययनरत समाज के विद्यार्थियों को सुविधाओं के लिए दी जाने वाली मासिक राशि बढ़ाकर 3 हजार 250 रुपये प्रति विद्यार्थी कर दी गई है। इसी तरह एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 8 उत्तीर्ण करने पर जन्म प्रमाण पत्र के साथ ही एससी/एसटी एवं ओबीसी प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था की है। 

‘माटी के लाल’ को मुहैया करवाए जा रहे आवश्यक संसाधन

मुख्यमंत्री ने कहा कि माटी कला से जुड़े कलाकारों के उत्थान के लिए माटी कला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। माटी कला बोर्ड के माध्यम से 1 हजार 350 माटी कला कामगारों को निशुल्क इलेक्ट्रिक चाक व मिट्टी गूंथने की मशीन के सेट उपलब्ध कराए हैं। डूंगरपुर में शिल्पग्राम बनाए जाने के लिए 9 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज में शिक्षा की अलख जगाने, युवाओं की प्रतिभा को तलाशने और तराशने के साथ साथ कौशल विकास का आह्वान किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने युवाओं को कुशल बनाने के लिए लगभग साढ़े 3 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया है। मुख्यमंत्री युवा संबल योजना में लगभग दो लाख युवाओं को इंटर्नशिप करवाई जा रही है। हमने 144 राजकीय आईटीआई में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि कुमावत समाज सृजन और कला से जुड़ा है तथा उन्हें वास्तुकला और शिल्पकला का वरदान है। समाज इस विरासत को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी को भी नई तकनीकों और कौशलों में दक्ष बनाने के लिए भी प्रयास करें। सरकार उनके साथ हर कदम पर खड़ी है।

कार्यक्रम में पशुपालन एवं डेयरी, गोपालन, देेवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कि उनके प्रयास से माटी कला पोषित और पल्लवित हो रही है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से माटी कला फिर से अपने गौरव को हासिल कर रही है। प्रदेश के माटी कला के कलाकार देश-दुनिया में अपने हुनर का लोहा मनवा रहे हैं।

श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के नीतिगत निर्णयों से माटी कला को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा माटी कला समाज के युवाओं को स्वरोजगार के लिए मिट्टी गूंथने की मशीनें एवं इलेक्ट्रॉनिक चाक मुहैया करवाये जा रहे हैं।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ’माटी राजस्थान री’ पुस्तक का विमोचन किया एवं विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने के लिए कुमावत समाज की विभूतियों को ’माटी के लाल’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माटी कला के हितधारक एवं कुमावत समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। 

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement