हज जायरीनों से अतिरिक्त 10 हजार रुपये मांगने वाले परिपत्र को वापस लिया जाए : कांग्रेस
नई दिल्ली, रविवार, 03 मई 2026। कांग्रेस ने रविवार को भारतीय हज समिति के उस परिपत्र को वापस लेने की मांग की, जिसमें हज जाने वाले जायरीनों के हवाई किराए में प्रति व्यक्ति 10,000 रुपये की वृद्धि की गई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के शासन में हज करने की लागत में बेतहाशा वृद्धि से यह आम भारतीय परिवारों की पहुंच से बाहर हो गई है। मुख्य विपक्षी दल की यह मांग भारतीय हज समिति द्वारा वैश्विक स्तर पर विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण इस वर्ष हज हवाई किराए में प्रति जायरीन 10,000 रुपये की वृद्धि किए जाने के बाद आई है। हालांकि, केंद्र सरकार ने दावा किया कि बातचीत के जरिये उसने इस वृद्धि को सीमित रखा है।
हज यात्रा के हवाई किराए में हुई बढ़ोतरी की विपक्षी नेताओं ने आलोचना की है और इसे ‘‘अन्याय’’ करार दिया है। भारतीय हज समिति द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट से उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों के मद्देनजर अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने हज 2026 के लिए हवाई किराए में बदलाव करने की मंजूरी दे दी है। परिपत्र में कहा गया है कि इस वर्ष सभी हज जायरीनों को 15 मई तक हवाई किराए के अंतर के रूप में 10,000 रुपये जमा कराने होंगे।
सांसद और कांग्रेस महासचिव सैयद नसीर हुसैन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि 28 अप्रैल, 2026 को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने एक परिपत्र जारी कर प्रत्येक हज जायरीन से 15 मई तक अतिरिक्त भुगतान करने को कहा है। उन्होंने दावा किया कि यह मांग बिना किसी पूर्व सूचना, बिना किसी परामर्श और समय के अनुरूप उचित कारण बताए बिना की गई है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जायरीनों ने कई महीनों में कई किस्तों में पूरी रकम चुका दी है, जिनमें बुजुर्ग भी शामिल हैं। कई जायरीन हज करने के लिए पहले ही सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। उन्हें जिस कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, वह केवल आर्थिक नहीं है। यह कुप्रबंधन का सीधा परिणाम है, और यह इस बात का संकेत है कि उन्हें बुनियादी सुरक्षा और सम्मान के हकदार नागरिकों के बजाय राजस्व स्रोत माना जा रहा है।’’
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव ने कहा कि कांग्रेस 28 अप्रैल के परिपत्र को तत्काल वापस लेने, इसके तहत एकत्र की गई पूरी राशि की वापसी और 2027 सत्र शुरू होने से पहले अनिवार्य प्रतिस्पर्धी निविदा तथा हज मूल्य स्थिरता ढांचे सहित संरचनात्मक सुधारों को लागू करने का आह्वान करती है। इस बीच, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने हज पर गए जायरीनों द्वारा प्रबंधों की सराहना किए जाने संबंधी वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह सराहना हज प्रबंधन के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक जायरीन को यात्रा के दौरान समय पर देखभाल, सहायता और सम्मान प्राप्त हो।
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