टीवीके मंत्रियों ने पारंपरिक शासन प्रणाली से इतर आमूलचूल परिवर्तन का संकेत दिया

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चेन्नई, रविवार, 10 मई 2026। टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय के रविवार को एक भव्य समारोह में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद नवनियुक्त मंत्रियों ने पारंपरिक शासन से इतर एक आमूलचूल बदलाव का संकेत दिया, जिसमें सभी विभागों का एक ''श्वेतपत्र'' ऑडिट और प्रशासन में ''शून्य हस्तक्षेप'' की नीति की बात कही गई। विजय की जीत को एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसने लगभग छह दशकों के द्रविड़ राजनीतिक वर्चस्व को उलट दिया है। मंत्री आधव अर्जुन ने शपथग्रहण के बाद 'पीटीआई-वीडियो' के साथ बातचीत में चुनाव परिणाम को ''जनता की जीत'' बताया और विशेष रूप से तमिलनाडु के युवाओं तथा महिलाओं को इसका श्रेय दिया।

अर्जुन ने इस बात पर जोर दिया कि नया प्रशासन पारदर्शिता, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय पर आधारित होगा। उन्होंने कहा, ''हमारे नेता और सभी मंत्री एक पारदर्शी सरकार चलाएंगे। हम सभी अल्पसंख्यक भाई-बहनों के लिए काम करेंगे और विकास को प्राथमिकता देंगे।'' द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार से सत्ता परिवर्तन के बारे में पूछे जाने पर, अर्जुन ने आरोप लगाया कि निवर्तमान सरकार का ''अनुभव'' काफी हद तक ''भ्रष्टाचार'' से भरा हुआ था, जिसे टीवीके विकास-केंद्रित मंत्रालय से बदलना चाहती है।

मंत्री सी टी आर निर्मल कुमार ने सरकार की तत्काल कार्ययोजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए पुष्टि की कि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विभाग का व्यापक ऑडिट करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ऑडिट के निष्कर्ष एक ''श्वेतपत्र'' के रूप में सार्वजनिक किए जाएंगे, जिससे मंत्रालयों की वर्तमान स्थिति और वित्तीय स्थिति का खुलासा होगा। कुमार ने 'पीटीआई-वीडियो' से कहा, ''हम एक संपूर्ण ऑडिट करेंगे... क्या है, क्या नहीं है और किन चीजों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि कई दशकों से विभागों को ''लूटा'' गया है और नई सरकार द्वारा राज्य की खस्ताहाल वित्तीय स्थिति को प्रभावी ढंग से पुनर्गठित किए जाने से पहले एक स्पष्ट सार्वजनिक रिपोर्ट आवश्यक है।

राज्य के भारी कर्ज (अनुमानित 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक) के मुद्दे पर कुमार ने कहा कि ''ईमानदार प्रशासन'' इस संकट का समाधान करने का प्राथमिक साधन होगा। मंत्री अरुणराज ने कहा कि पार्टी टीवीके को मिले जनादेश के प्रति गहरी जिम्मेदारी महसूस करती है।

उन्होंने 'पीटीआई-वीडियो' से कहा, ''हमारी मंशा नेक है। आप देखेंगे कि टीवीके शासन में कितना फर्क आएगा - स्वच्छ, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त।'' सरकार की स्थिरता को लेकर विपक्षी नेताओं की शंकाओं का जवाब देते हुए उन्होंने चुनौती का स्वागत किया और कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ''ठीक से काम करने वाला विपक्ष'' आवश्यक है। मंत्री राजमोहन ने प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए ''शून्य हस्तक्षेप'' मॉडल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता जमीनी स्तर से शुरू होनी चाहिए, पुलिस थाने और पंचायतों से लेकर मंत्री स्तर तक।

राजमोहन ने 'पीटीआई-वीडियो' से कहा, ''हमें बोलने से अधिक सुनने की जरूरत है। हम अपने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समाधान-उन्मुख सरकार प्रदान करने के लिए एक स्पष्ट योजना और उचित 'होमवर्क' के साथ आए हैं।'' नौ सदस्यीय मंत्रिमंडल के शपथग्रहण समारोह के साथ ही 1967 के बाद पहली बार तमिलनाडु में द्रमुक या अन्नाद्रमुक के अलावा किसी अन्य पार्टी ने सत्ता संभाली है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने नयी सरकार को 13 मई तक विधानसभा में विश्वासमत प्राप्त करने का निर्देश दिया है।

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