हरियाणा कांग्रेस ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ जिला स्तर पर प्रदर्शन करेगी
चंडीगढ़, शुक्रवार, 15 मई 2026। कांग्रेस की हरियाणा इकाई पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ जिला स्तर पर प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में "लगातार वृद्धि" को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों के कारण लोगों पर महंगाई का दोहरा बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम आदमी का जीवन संकट में पड़ रहा है और देशभर में घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
सिंह ने कहा कि सभी जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों को 18 से 20 मई के बीच किसी एक दिन अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित करने और मूल्य वृद्धि वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ईंधन विक्रेताओं के बढ़ते घाटे के बीच शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम तीन-तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए। चार साल से अधिक समय बाद यह पहली मूल्य वृद्धि है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि डीजल की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर परिवहन और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। उन्होंने कहा, "ट्रकों और मालवाहक वाहनों की लागत बढ़ने से फल, सब्जियां, दूध, अनाज और दैनिक उपयोग की वस्तुएं महंगी हो जाती हैं, जिसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ता है।"
सिंह ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण ऑटो-रिक्शा, बस और टैक्सी किराये में भी बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम लोगों के लिए यात्रा महंगी और कठिन होती जा रही है। उन्होंने एक बयान में कहा कि निजी वाहन चलाना भी धीरे-धीरे आम परिवारों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। डीजल से चलने वाले ट्रैक्टर, ट्यूबवेल और सिंचाई पंप की लागत बढ़ने से खेती का खर्च लगातार बढ़ रहा है और किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं। सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, लेकिन वास्तव में उनके खर्च और कर्ज का बोझ बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों से उद्योग और व्यापार क्षेत्र भी प्रभावित हो रहे हैं। कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन की लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा हो रहा है और इसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश का हर परिवार महंगाई से परेशान है। रसोई का खर्च बढ़ गया है, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ा है, जबकि आय स्थिर बनी हुई है। इसके चलते लोग जरूरी खर्चों में कटौती करने को मजबूर हैं। सिंह ने मांग की कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए "भारी करों" को तुरंत कम करे ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सके।
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