राजनीतिक दलों की राजनीति 'संकीर्ण व छलावा पूर्ण', जनता को सचेत रहने की नसीहत: मायावती
लखनऊ, रविवार, 24 मई 2026। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को अन्य राजनीतिक दलों की राजनीति को 'संकीर्ण व छलावा पूर्ण' करार दिया और जनता को सचेत रहने की नसीहत दी। मायावती ने यहां पार्टी कार्यालय में बसपा की राज्य इकाई की बैठक में पोलिंग बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती, विधानसभा चुनाव की तैयारियों और जनाधार बढ़ाने की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान जनता से गैर बसपा दलों की संकीर्ण व छलावा पूर्ण राजनीति से खुद को बचाने की भी अपील की।
मायावती ने गैर बसपा दलों की चुनावी रणनीति पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया, "सरकारें व पार्टियां चुनाव के समय जितना जनहितैषी व जनकल्याणकारी होने का ढिंढोरा पीटती हैं और उसमें धन लुटाती हैं, वहीं चुनाव खत्म होने के बाद वे अपने वादों, घोषणाओं व दावों आदि के प्रति उतना ही उदासीन व लापरवाह क्यों हो जाती हैं?" पूर्व मुख्यमंत्री ने इसके परिणाम बताते हुए दावा किया, "इन पार्टियों की छलावापूर्ण एवं विभाजनकारी राजनीति से देश व जनहित का सही से भला नहीं हो रहा है और उनका जीवन लगातार लाचार व मजबूर बना हुआ है।"
बसपा प्रमुख ने पांच राज्यों के हालिया विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि खासकर सत्ताधारी दल व सरकारें खानापूर्ति करने और अप्रत्याशित व अभूतपूर्व तरीके से चुनाव को प्रभावित करने में सफल हो जाती हैं। मायावती ने कहा, "बसपा विरोधी पार्टियों की ऐसी छलावा पूर्ण राजनीति का दुष्परिणाम यह भी है कि चुनाव के समय जनता को हर प्रकार से लुभाया जाता है लेकिन चुनाव के बाद महंगाई, बेरोजगारी व नये-नये नियम-कानून आदि के जरिये हर प्रकार के तनाव सहित उनके जीवन के जंजाल को और भी बढ़ा दिया जाता है, जिससे करोड़ों परिवारों का आत्म-सम्मान के साथ जीना मुश्किल हो गया है।"
उन्होंने दो-टूक कहा, "सभी सरकारें कल्याणकारी होने का संवैधानिक दायित्व निभाने से मुंह नहीं मोड़ें तो यह बेहतर होगा।" बसपा प्रमुख ने सरकारों को नसीहत दी कि रोजी-रोटी, शांति-सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था जैसे जनहित की जिम्मेदारी पर ध्यान केन्द्रित करें, जो संकट से राहत जरूर दिलायेगा। मायावती ने कहा कि इसके लिए खासकर उत्तर प्रदेश के लोगों को पूरी तरह से आजमाई हुई पार्टी बसपा व उसकी 'आयरन लेडी' नेतृत्व पर फिर से भरोसा करना ही होगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि धुरंधर व जुगाड़ विरोधियों की हर चाल का मुकाबला 2007 की तरह ही पूरी तरह से डट कर करना है। चार बार मुख्यमंत्री रह चुकी मायावती ने वर्ष 2007 में सूबे में पहली बार पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार का नेतृत्व किया था हालांकि 2012 के विधानसभा चुनावों के बाद से पार्टी लगातार कमजोर होती रही।
Similar Post
-
रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए 20 'ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम जैमर' का अनुबंध किया
नई दिल्ली, बुधवार, 10 जून 2026। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को भारत ...
-
नौसेना प्रमुख स्वामीनाथन ने राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की
नई दिल्ली, बुधवार, 10 जून 2026। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वा ...
-
तृणमूल कांग्रेस को एक और झटका, सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दिया
नई दिल्ली, बुधवार, 10 जून 2026। तृणमूल कांग्रेस सांसद सुष्मिता ...
