दिल्ली: साइबर धोखाधड़ी का भंडाफोड़, तीन लोग गिरफ्तार
नई दिल्ली, शुक्रवार, 19 जून 2026। दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधियों को 'म्यूल' ( कमीशन पर मिलने वाले ) बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राष्ट्रीय राजधानी और उत्तर प्रदेश से तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ऐसे बैंक खातों की व्यवस्था करते थे, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी से हासिल रकम को प्राप्त करने और विभिन्न खातों में भेजकर उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता था। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई एक 'ई-एफआईआर' के आधार पर की गई।
पुलिस के मुताबिक, आईपी एक्सटेंशन निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन लेनदेन के बहाने उसके साथ साइबर ठगी की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके बैंक खाते से धोखाधड़ी से रकम निकालकर कई अलग-अलग बैंक खातों में अंतरित कर दी गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू की, जिसके तहत पैसों के लेनदेन की पूरी श्रृंखला की जांच कर इसमें शामिल लोगों की पहचान की गई।
पुलिस को जांच के दौरान एक ऐसे नेटवर्क का पता चला, जो साइबर ठगों के लिए बैंक खातों का इंतजाम करता था। पुलिस ने बताया कि इसी कड़ी में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार और किन लोगों या साइबर अपराधी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। पुलिस टीम ने मामले की जांच के दौरान बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल नंबरों, केवाईसी दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला कि ठगी गई रकम में से करीब 72 हजार रुपये मुजफ्फरनगर निवासी शिवम कुमार के बैंक खाते में अंतरित किए गए थे। पुलिस ने बताया कि छानबीन में यह भी सामने आया कि 49,900 रुपये की एक अन्य राशि दिल्ली के तिलक नगर निवासी राजेंद्र शर्मा के बैंक खाते में जमा की गई थी। पुलिस ने दोनों खाताधारकों का पता लगाकर उन्हें हिरासत में लिया।
पुलिस ने बताया कि शिवम कुमार ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि यह बैंक खाता उसने मेरठ के रहने वाले अंकित चौधरी नाम के व्यक्ति के कहने पर खुलवाया था। पुलिस की एक टीम ने इस अहम सुराग के आधार पर मेरठ में छापेमारी की और अंकित चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, अंकित चौधरी इस पूरे नेटवर्क की एक प्रमुख कड़ी और साइबर ठगों तक बैंक खाते पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण व्यक्ति माना जा रहा है। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच सामने आया कि आरोपी साइबर अपराधियों को ऐसे बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी से हासिल रकम को इधर-उधर भेजने और उसके असली स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इससे जुड़े तार की जांच कर रही है।
Similar Post
-
ईरानी गिरोह के सरगना के खिलाफ मकोका के तहत आरोपपत्र दाखिल
नई दिल्ली, रविवार , 01 नवम्बर 2026। दिल्ली पुलिस ने कई राज्यों मे ...
-
मॉरीशस में जयपुर के गोबर से बने 10 लाख दीपकों से रोशन होगी दिवाली
- 70 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बना रहीं दीए
-
सीजेआई सूर्यकांत को निशाना बनाने वाली केपीसीसी की पोस्ट पर अवमानना याचिका दर्ज
नई दिल्ली, रविवार , 01 नवम्बर 2026। उच्चतम न्यायालय ने प्रधान न् ...
