एक जैसी भूमिकाओं से हमेशा मुझे डर लगता है: रणवीर शौरी

img

अभिनेता रणवीर शौरी का कहना है कि एक ही तरह की भूमिकाओं में बंध जाने का डर करियर के दौरान हमेशा बना रहा जिसके कारण उन्होंने लगातार ऐसी भूमिकाएं चुनने की कोशिश की जो उन्हें अपने दायरे से बाहर निकलने का अवसर दें। फिल्म 'एक था टाइगर', 'सिंह इज किंग' और 'लक्ष्य' जैसी मुख्यधारा की फिल्मों के साथ ही 'खोसला का घोसला', 'भेजा फ्राई', 'मिथ्या', 'अ डेथ इन द गंज' और 'सोनचिरैया' जैसी स्वतंत्र फिल्मों तथा 'मेट्रो पार्क', 'सनफ्लावर' और 'तब्बर' जैसी ओटीटी श्रृंखलाओं में अभिनय कर चुके शौरी को एक बहुमुखी अभिनेता के रूप में जाना जाता है।

शौरी ने 'पीटीआई-भाषा' को दिए साक्षात्कार में बताया, ''मैंने कभी भी एक जैसी भूमिकाएं दोहराने की कोशिश नहीं की, क्योंकि मैं फिल्म उद्योग के माहौल में ही पला-बढ़ा हूं। अभिनेता बनने के समय से ही 'टाइपकास्टिंग' शब्द मेरा पीछा करता रहा है और इसने मेरे कई फैसलों को प्रभावित किया है।'' उन्होंने कहा, ''इसलिए मैं हर बार कुछ नया और पूरी तरह अलग करने की कोशिश करता हूं। यही मेरा प्रयास रहता है।'' शौरी इन दिनों 'पिरामिड स्कीम' श्रृंखला में नजर आ रहे हैं, जो महत्वाकांक्षा, लालच और जल्दी पैसा कमाने की जोखिम भरी दुनिया पर आधारित है।

'पिरामिड स्कीम' में उनके सह-कलाकार परमवीर चीमा ने भी एक जैसी भूमिकाओं में सीमित हो जाने को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि उन्होंने इससे बचने का प्रयास किया है। चीमा ने कहा, ''खुद को दोहराने का डर मुझे भी सताता था। मुझे अधिकतर पंजाबी किरदार या कम संवाद वाले पात्रों के प्रस्ताव मिलते थे। उदाहरण के लिए 'बॉर्डर 2' में मुझे निर्देशक (अनुराग सिंह) को यह समझाना पड़ा कि मुझे पगड़ी पहनने वाला किरदार न दें और मैं हरियाणवी भी बोल सकता हूं। मुझे खुशी है कि उन्होंने मुझ पर भरोसा किया।''

चीमा ने कहा, ''मैंने यूट्यूब पर 'सपने वर्सेज एवरीवन' किया था, जिसमें मैंने दिल्ली के एक लड़के की भूमिका निभाई थी। जब 'पिरामिड स्कीम' के लिए प्रस्ताव मेरे पास आया तो मुझे लगा कि यह मेरे लिए एक बड़ी भूमिका साबित हो सकती है। मुझे पता था कि मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा और मैंने वही किया।'' सांस्कृतिक रूप से समृद्ध हरिद्वार की पृष्ठभूमि पर आधारित 'पिरामिड स्कीम' की कहानी गोल्डी (चीमा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बेहतर जीवन की तलाश में लगा एक महत्वाकांक्षी युवा है और जो पिरामिड मार्केटिंग की चकाचौंध भरी लेकिन भ्रामक दुनिया में उलझ जाता है। प्राइम वीडियो की इस श्रृंखला का निर्माण श्रेयांश पांडे ने किया है और इसका निर्देशन आशीष आर शुक्ला तथा पांडे ने किया है। इसकी पटकथा अक्षेंद्र मिश्रा ने लिखी है।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement