भारत-जापान शिखर सम्मेलन बेहद सफल रहा, 2027 में मनाएंगे राजनयिक संबंधों का 75वां वर्ष: विदेश मंत्रालय

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नई दिल्ली, शुक्रवार, 03 जुलाई 2026। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने शुक्रवार को भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा संपन्न की। इस अवसर पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा ने भारत और जापान की साझा प्रगति तथा समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी को और मजबूत करने की दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-जापान साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे शांति, समृद्धि और स्थिरता को बढ़ावा देने का भी एक महत्वपूर्ण आधार है। मंत्रालय ने नयी दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन को ''बेहद सफल'' बताया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''एक यादगार यात्रा का समापन हुआ, जिसने भारत-जापान साझेदारी को साझा लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ाया। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन की अत्यंत सफल बैठक के बाद भारत से रवाना हो गईं। उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विदाई दी।'' उन्होंने नयी दिल्ली में विदाई समारोह की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर ताकाइची एक से तीन जुलाई तक भारत की यात्रा पर आई थीं। इस दौरान उन्होंने 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया।

दोनों नेताओं ने बृहस्पतिवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से व्यापक वार्ता की। प्रधानमंत्री मोदी और ताकाइची के बीच हुई शिखर वार्ता के दौरान भारत और जापान ने कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की। इनमें आर्थिक साझेदारी रूपरेखा, सैन्य उपकरणों के संयुक्त विकास के लिए रक्षा समझौता तथा तेल आपूर्ति संबंधी झटकों से निपटने के लिए ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने के उपाय शामिल हैं। दोनों नेताओं ने वैश्विक अनिश्चितताओं का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए आपसी विश्वास को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया।

जायसवाल ने कहा, ''इस यात्रा ने दोनों देशों की साझा प्रगति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी को आगे बढ़ाने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे शांति, समृद्धि एवं स्थिरता को बढ़ावा देने वाले मजबूत आधार के रूप में इसे विकसित करने की दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की।'' राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में बृहस्पतिवार सुबह जापान की प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी उपस्थित रहे। यह ताकाइची की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा थी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कुल मिलाकर यह यात्रा ''अत्यंत सफल'' रही। उन्होंने शिखर सम्मेलन के परिणामों की ''असाधारण व्यापकता एवं गहराई'' का उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने अगले वर्ष भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाए जाने पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि 2027 को 'इंडिया-जापान ईयर ऑफ शेयर्ड होराइजंस' के रूप में मनाया जाएगा। जायसवाल ने बृहस्पतिवार को 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ''विश्वास, साझा मूल्यों और रणनीतिक समानता पर आधारित साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए।'' विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा था कि यह यात्रा भारत और जापान के बीच विशेष सामरिक एवं वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।

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