दिल्ली: अदालत ने कोडीन सिरप जब्ती मामले में आरोप तय करने के आदेश दिए

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नई दिल्ली, रविवार, 02 अगस्त 2026। दिल्ली की एक अदालत ने 4,300 किलोग्राम से अधिक मात्रा में कोडीन आधारित खांसी का सिरप गैर-कानूनी रूप से रखने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर उस व्यक्ति पर गंभीर संदेह पैदा होता है। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आरोपी विपिन चावला के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने 16 जून, 2023 को आजादपुर में एक दुकान पर छापा मारा, जहां से खांसी का सिरप की कुल 36,238 बोतलें (प्रत्येक 100-100 मिली की) वाले 302 बॉक्स बरामद किए गए। 

इसमें कहा गया है कि जब्त किए गए साइकोट्रोपिक पदार्थ का कुल वजन लगभग 4,312 किलोग्राम था, जो सरकार द्वारा कोडीन के लिए तय की गई एक किलोग्राम की ‘व्यावसायिक मात्रा’ की सीमा से कहीं ज्यादा था। अदालत ने 30 जुलाई को दिये आदेश में आरोपी की इस दलील को खारिज कर दिया कि वह ‘एम/एस सूर्या फार्मा ’ नामक कंपनी का महज प्रबंधक है और कुछ खास कोडीन यौगिक वाली दवाओं पर सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद उक्त दवाएं आपूर्तिकर्ता को लौटाई जा रही थीं। उसने यह भी कहा कि कंपनी के पास वैध लाइसेंस था।

अदालत ने कहा कि जिस जगह पर उक्त दवांए रखी गई थीं, वह बिना लाइसेंस के थी और छापेमारी के दौरान आरोपी ने खुद ही दुकान खोलने के लिए चाबियां दी थीं। फैसले में कहा गया कि चूंकि आरोपी को शुरू में 48,818 बोतलों की आपूर्ति की गई थी, लेकिन महज 36,238 बोतलें ही बरामद की गईं और बाकी 12,580 बोतलों की बिक्री का कोई रिकॉर्ड न होने से संकेत मिलता है कि उन्हें संभवत: ‘बाजार में गैर-कानूनी तरीके से खपा दिया गया होगा।’’ अदालत ने कहा, ‘‘बरामद की गई मात्रा एनडीपीएस अधिनियम के तहत तय की गई वाणिज्यिक सीमा से कहीं ज़्यादा है। यह बात अपने आप में आरोप तय करने के चरण में एक मजबूत दोषी ठहराने वाला सबूत है।’’

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