परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े सीबीआई के लगभग 158 मामले अदालतों में सुनवाई शुरू होने का इंतजार कर रहे

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नई दिल्ली, रविवार, 02 अगस्त 2026। भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े लगभग 158 मामलों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पूरी होने के बावजूद देश की विभिन्न अदालतों में अभी तक सुनवाई शुरू नहीं हो पाई है, इनमें से कुछ मामले तो दो दशक से भी पहले दर्ज किए गए थे। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने इन लंबित मामलों को त्वरित अदालतों में स्थानांतरित करने के लिए सभी उच्च न्यायालय से संपर्क करने का फैसला किया है। ये त्वरित अदालतें नए पेपर लीक रोधी कानून के तहत अलग-अलग राज्यों में ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए गठित की जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने उच्च न्यायालय को यह बताने का फैसला किया है कि वह इन मुकदमों की सुनवाई के लिए विशेष सरकारी वकील उपलब्ध कराएगी और सभी जरूरी संसाधन मुहैया कराएगी, ताकि इन मामलों की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी हो सके।  सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में साल 2000 के बाद से ऐसे करीब 25 मामले हैं जिनमें सीबीआई की जांच पूरी होने के बावजूद अभी तक सुनवाई शुरू नहीं हुई है। इनमें 2010-11 की एम्स-पीजी भर्ती परीक्षा, 2011 की दिल्ली विश्वविद्यालय मेडिकल और डेंटल प्रवेश परीक्षा, 2004 में कॉमन एडमिशन टेस्ट में गड़बड़ी, 2013 की एसएससी भर्ती और शिक्षकों की भर्ती जैसे मामले शामिल हैं।

बिहार में पांच मामले लंबित हैं, जिनमें से तीन नीट-2024 के कथित पेपर लीक से जुड़े हैं। इसी तरह, हिमाचल प्रदेश में 2022 का कांस्टेबल भर्ती मामला उन तीन मामलों में से है जिनकी सुनवाई शुरू होने का इंतजार है जबकि जम्मू और कश्मीर में तीन मामलों में सुनवाई शुरू होनी है। सूत्रों के मुताबिक, झारखंड में पांच, कर्नाटक में पांच, महाराष्ट्र में तीन (जिनमें नीट 2024 से जुड़े दो मामले शामिल हैं), राजस्थान में आठ, तमिलनाडु में 14 और पश्चिम बंगाल व उत्तर प्रदेश में 10-10 मामलों में सुनवाई का इंतजार है।

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