जरांगे ने शुरू किया अनिश्चितकालीन अनशन, रिकॉर्ड के आधार पर 58 लाख प्रमाणपत्र देने की मांग
छत्रपति संभाजीनगर, शनिवार, 29 अगस्त 2026। आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शनिवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय अब सरकार को और अधिक समय नहीं देगा तथा महाराष्ट्र सरकार पूर्व में सत्यापित किए गए 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड के आधार पर तुरंत जाति प्रमाणपत्र जारी करे। जरांगे ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि यह उनका ‘‘अंतिम आंदोलन’’ होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर मराठा समुदाय के खिलाफ ‘‘द्वेष’’ रखने और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर उन्हें परोक्ष समर्थन देने का आरोप लगाया।
उन्होंने जाति सत्यापन समिति को समाप्त करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सरकार मराठा आरक्षण के सभी लंबित मुद्दों को हल नहीं करती है तो वे मुंबई में मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करेंगे। जरांगे ने कहा, ‘‘देवेंद्र फडणवीस मराठा समुदाय से द्वेष रखते हैं और एकनाथ शिंदे सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के माध्यम से उन्हें परोक्ष समर्थन दे रहे हैं। यदि वे हमारे मुद्दों का समाधान नहीं करते हैं, तो हम वर्षा बंगले (मुख्यमंत्री आवास) जाएंगे। यदि सरकार की टीम बात करने आती है, तो हम उनसे बात करेंगे। लेकिन यह मेरा अंतिम आंदोलन है… जब तक सभी मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता, मैं नहीं उठूंगा।’’
जरांगे पात्र मराठाओं को कुनबी के रूप में मान्यता देने की मांग को लेकर कई आंदोलनों का नेतृत्व कर चुके हैं। कुनबी एक कृषि आधारित समुदाय है जिसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड के आधार पर मराठा समुदाय को तुरंत जाति प्रमाण पत्र जारी करने चाहिए। समुदाय इस काम के लिए सरकार को और समय नहीं देगा।’’ आरक्षण कार्यकर्ता ने राज्य सरकार से शासकीय राजपत्र के आधार पर आरक्षण जारी करने, महाराष्ट्र भर में आरक्षण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस थानों में दर्ज मामलों को वापस लेने और पिछले आंदोलनों के दौरान जान गंवाने वालों के परिवारों को सरकारी नौकरियां और मुआवजा देने का आग्रह किया।
उन्होंने मराठा और कुनबी समुदायों के लिए तत्काल कर्मचारियों की नियुक्ति के साथ एक समर्पित राज्य विभाग बनाने, अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास महामंडल के माध्यम से दिए गए ऋणों पर ब्याज का भुगतान करने, ‘सारथी’ के छात्रों की लंबित छात्रवृत्तियां जारी करने और एसईबीसी व ईबीसी आरक्षण के तहत चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति पत्र जारी करने की भी मांग की। ओबीसी श्रेणी के तहत मराठा आरक्षण की मांग को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अगस्त-सितंबर 2023 से अब तक नौ बार भूख हड़ताल की है। आरक्षण कार्यकर्ता ने सरकारी तंत्र पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए दावा किया कि राज्य सरकार नहीं चाहती कि मराठा युवा आगे बढ़ें। कार्यकर्ता ने इस बात पर जोर दिया कि इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य मराठा युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है।
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