मानवाधिकार आयोग ने गुरुवायूर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर रिपोर्ट मांगी
तिरुवनंतपुरम, गुरुवार, 10 सितंबर 2026। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने त्रिशूर जिले के प्रसिद्ध गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी की यह कार्रवाई कोच्चि निवासी आरटीआई कार्यकर्ता के. गोविंदन नंपूदिरी की ओर से दायर शिकायत के बाद की गई। उन्होंने कहा कि इस शिकायत का उद्देश्य श्रद्धालुओं के अधिकारों की रक्षा करना और मंदिर में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
कार्यकर्ता ने बृहस्पतिवार को आदेश की प्रति मीडिया के साथ साझा की। आयोग ने त्रिशूर के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे चार सप्ताह के भीतर मंदिर में प्रसाद भोजन, भीड़ प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा, शिकायत निवारण और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। शिकायतकर्ता के अनुसार, रिपोर्ट में प्रसाद भोजन की गुणवत्ता की निगरानी के लिए गठित स्थायी समिति की स्थिति, संरचना, जिम्मेदारियों और निरीक्षण की आवृत्ति (कितनी बार निरीक्षण किया जाता है) का विस्तृत विवरण होना चाहिए।
कार्यकर्ता ने एक बयान में कहा कि एनएचआरसी ने मौजूदा कतार प्रबंधन व्यवस्था के अलावा बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और बीमार श्रद्धालुओं के लिए की गई विशेष व्यवस्थाओं का विवरण भी मांगा है। प्रसाद भोजन केंद्र और भोजन तैयार करने वाले स्थानों पर पिछले 12 महीनों में किए गए खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता निरीक्षणों का विवरण, साथ ही वर्तमान में अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की जानकारी भी मांगी गई है। नंपूदिरी ने कहा कि रिपोर्ट में शिकायत निवारण व्यवस्था की स्थिति और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने तथा उसकी स्थिति पर नजर रखने की सुविधा शुरू करने की संभावना को भी शामिल किया जाना चाहिए।
आयोग ने देवस्वओम कर्मचारियों के श्रद्धालुओं के प्रति व्यवहार में सुधार और उसकी निगरानी के लिए उठाए गए कदमों, चढ़ावे की दरें तय करने के आधार और उनमें आखिरी बार किए गए बदलाव की तारीख के साथ-साथ कच्चे माल की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था का विवरण भी मांगा है। उन्होंने कहा कि मंदिर के अंदर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और उनकी निगरानी के लिए अपनाई जा रही व्यवस्था का विवरण भी मांगा गया है। एनएचआरसी ने अलग से त्रिशूर के जिलाधिकारी और त्रिशूर शहर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे आपसी समन्वय से काम करते हुए चार सप्ताह के भीतर मंदिर परिसर और उसके आसपास यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर एक संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इसने राज्य के मुख्य सचिव को यह भी निर्देश दिया है कि वे एक स्थायी बहु-पक्षीय निगरानी समिति गठित करने की संभावना पर विचार करें। उसने कहा कि इस समिति में देवस्वओम, जिला प्रशासन, खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ स्वतंत्र सदस्यों को भी शामिल किया जाए। कार्यकर्ता ने एनएचआरसी के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि प्रस्तावित समिति गुरुवायूर मंदिर में सुविधाओं, शिकायत निवारण व्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार की लगातार निगरानी करेगी तथा चार सप्ताह के भीतर एक समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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