कॉलेजियम में सरकार के नुमाइंदे के लिए जोर देना न्यायपालिका की स्वतंत्रता में दखल है : स्टालिन
चेन्नई, मंगलवार, 31 जनवरी 2023। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय में नियुक्तियों पर कॉलेजियम प्रणाली में सरकार के नुमाइंदे को शामिल करने की मांग न्यायपालिका की स्वतंत्रता में दखल देने के समान है और यह अनुचित है। कॉलेजियम प्रणाली को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रीजीजू और सर्वोच्च न्यायालय के बीच ‘टकराव’ पर स्टालिन ने कहा कि यह ठीक नहीं है। उन्होंने सोमवार को ‘वन अमॅंग यू ऑन्सर्स’ (प्रश्नोत्तर) श्रृंखला में कहा कि लंबे समय से मांग है कि न्यायपालिका में समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व हो जो लोकतंत्र का एक प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने कहा, ‘‘द्रविड़ मुनेत्र कषगम भी यही चाहता है।’’
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में नियुक्तियों पर कॉलेजियम प्रणाली में सरकार के नुमाइंदों को शामिल करने की मांग करना न्यायपालिका की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने के समान है और इसलिए यह अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में वर्तमान परिदृश्य में राज्य सरकार की राय का भी सम्मान नहीं किया जाता है। हाल में रीजीजू ने प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ को कॉलेजियम प्रणाली में सरकार के नुमाइंदे को शामिल करने के लिए पत्र लिखा था।
Similar Post
-
दिल्ली हवाई अड्डे पर चार करोड़ रुपये मूल्य का मादक पदार्थ बरामद, दो लोग गिरफ्तार
नई दिल्ली, मंगलवार, 13 मई 2026। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष् ...
-
नीट प्रश्नपत्र लीक : आरोपी शुभम खैरनार को दो दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा गया
मुंबई, मंगलवार, 13 मई 2026। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित ए ...
-
शिमला में आग लगने से 20 से ज्यादा दुपहिया वाहन और एक कार जलकर खाक
शिमला, मंगलवार, 13 मई 2026। बुधवार सुबह करीब सवा नौ बजे शिमला की ...
