एनडीआरएफ 2024 को सीबीआरएन तैयारी, प्रतिक्रिया के साल के रूप में मनाएगा
नई दिल्ली, शुक्रवार, 19 जनवरी 2024। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक अतुल करवाल ने शुक्रवार को कहा कि बल ने 2024 को रासायनिक, जैविक, रेडियोधर्मी और परमाणु (सीबीआरएन) आपदा से निपटने की तैयारी के साल के रूप में मनाने का फैसला किया है और वह ऐसी आपदाओं से निपटने की बेहतर क्षमताएं हासिल करने के लिए प्रशिक्षण देगा और अभ्यास करेगा। वह संघीय आपदा बल के 19वें स्थापना दिवस के दौरान यहां विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीबीआरएन तैयारी के लिए उसे नए उपकरणों की स्वीकृति दे दी है। एनडीआरएफ गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है।
करवाल ने कहा कि एनडीआरएफ ने सीबीआरएन दुर्घटनाओं और आपदाओं से निपटने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में हाल में संपन्न जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान सात हजमत (हानिकारक सामग्री) वाहन खरीदे हैं। उन्होंने कहा कि बल ने वनों की आग से निपटने के लिए तीन दलों को प्रशिक्षित किया है और इस काम के लिए नए उपकरण खरीदे जा रहे हैं। एनडीआरएफ की 2006 में आज ही के दिन स्थापना हुई थी और अभी उसके 16 बटालियन और 25 क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों (आरआरसी) के तहत देशभर में 18,000 से अधिक पुरुष और महिला कर्मी तैनात हैं। वह भूकंप, बाढ़, रेल दुर्घटनाओं जैसी मानव निर्मित और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए काम करता है।
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