एक्सपोर्ट हब से हर जिले के विशिष्ट उत्पाद को मिलेगा ग्लोबल एक्सपोजर, बढ़ेगा निर्यात- उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री

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जयपुर, बुधवार, 18 फरवरी 2026। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट पॉलिसी (ODOP) के तहत हर जिले के विशिष्ट उत्पाद को चिह्नित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा इन विशिष्ट उत्पादों के प्रमोशन और वैश्विक निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।  उन्होंने बताया कि एक्सपोर्ट हब के माध्यम से जिलों में इन उत्पादों का प्रोडक्शन करने वाले उद्योगों को आवश्यकतानुसार टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन के लिए वित्तीय सहयोग दिया जाता है। इसके अलावा ग्लोबल एक्सपोजर के लिए विदेशों में आयोजित मेलों में भाग लेने, एक्सपोर्ट हेतु ट्रांसपोर्टेशन सहित विभिन्न स्तरों पर आर्थिक सहायता दी जाती है। कर्नल राठौड़ ने बताया कि एक्सपोर्ट हब के लिए राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में लगभग 36 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया था। इसी कड़ी में प्रदेश की 350 इकाइयों को 16 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राठौड़ प्रश्नकाल के दौरान सदस्य श्रीमती दीप्ति किरण माहेश्वरी द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उद्योग मंत्री ने कहा कि राजसमंद के दोहंदा औद्योगिक क्षेत्र में तकरीबन 13,500 वर्ग मीटर में स्टोन मंडी नियोजित की गई है। इसमें एक हजार वर्ग मीटर के 10 प्लॉट तैयार किए गए हैं, जिनमें से 7 भू-खंडों को आवंटन के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने बताया कि राजसमंद की स्टोन मंडी के विकास के लिए हाल ही में लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी जारी की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि राजसमंद से वर्ष 2024-25 में लगभग 750 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट भी किया गया है।

इससे पहले विधायक श्रीमती माहेश्वरी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने विगत तीन वर्षों में औद्योगिक विकास से संबंधित प्रमुख घोषणाओं का वर्ष-वार विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा 8 अक्टूबर 2024 को राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 को अधिसूचित किया गया है। इसके अंतर्गत प्राइवेट इण्‍डस्ट्रियल पार्कों, फुड पार्कों व वेस्ट प्रोसेसिंग पार्कों के लिए पात्रता अनुसार सर्कल रेट्स पर भूमि के अतिरिक्त बाउंड्री वॉल तक पानी व विद्युत की सुविधा प्रदान करने का प्रावधान है।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया कि सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में तृतीय चरण में बहुमंजिला औद्योगिक भवन (प्लग एण्ड प्ले) निर्माण की एक परियोजना स्वीकृत की गई है। स्वीकृत परियोजना पूर्ण की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बोरावास कलावा औद्योगिक क्षेत्र में प्रथम चरण में तैयार शेड इन्फ्रास्ट्रचर उपलब्ध कराने के लिए 8 शेडों के निर्माण की परियोजना स्‍वीकृत की गई है। इनमें से 2 शेडों का निर्माण प्रगतिरत है। उन्होंने रीको द्वारा अविकसित आधार पर एसीपीवी को निजी औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए आवंटित भूमियों एवं उन पर संचालित औद्योगिक गतिविधियों का विवरण सदन के पटल पर रखा।

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