माकपा ने टी. के. गोविंदन को निष्कासित किया; राज्य सचिव की पत्नी की उम्मीदवारी का बचाव किया

img

कन्नूर (केरल), मंगलवार, 17 मार्च 2026। केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता टी. के. गोविंदन को निष्कासित कर दिया। एक दिन पहले गोविंदन ने संगठन से संबंध तोड़ने की घोषणा की थी और मार्क्सवादी पार्टी के गढ़ तालिपारम्बा से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का इरादा जताया। गोविंदन ने पार्टी द्वारा राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन की पत्नी पी. के. श्यामला को निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारने के फैसले के विरोध में बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के अपने निर्णय की घोषणा की थी। माकपा के कन्नूर जिला सचिव के. के. रागेश ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि गोविंदन को ''पार्टी विरोधी गतिविधियों'' में लिप्त रहने और प्रतिद्वंद्वियों के साथ कथित रूप से मिलीभगत करके ''राजनीतिक विश्वासघात'' करने के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। निष्कासित नेता द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए रागेश ने कहा कि श्यामला की उम्मीदवारी पार्टी का सामूहिक निर्णय है।

उन्होंने कहा कि नेताओं के जीवनसाथी और रिश्तेदार पहले भी उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर चुके हैं और उनके चयन में संगठनात्मक कार्य और अनुभव प्रमुख कारक थे। रागेश ने कहा, ''पी. के. श्यामला के पास व्यापक संगठनात्मक अनुभव है।'' माकपा के जिला नेतृत्व ने यह भी आरोप लगाया कि गोविंदन को अब कम्युनिस्ट नहीं माना जा सकता और उन पर विपक्षी दल कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। संवाददाता सम्मेलन में मौजूद वरिष्ठ माकपा नेता एम. वी. जयराजन ने भी पार्टी द्वारा यहां आयोजित हाल के ''हैप्पीनेस फेस्ट'' के संबंध में वरिष्ठ नेता के आरोपों को खारिज कर दिया।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement